'भारत लापरवाह' ....जापान के पूर्व मंत्री के आरोपों पर MEA का जवाब, जानें क्या है पूरा मामला 

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Edited By Anjali Singh
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नई दिल्ली। भारत ने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना में देरी को लेकर जापान के पूर्व मंत्री हिदेकी मेखारा के आरोपों को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जापान के पूर्व मंत्री की टिप्पणी उनकी व्यक्तिगत राय है और यह वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाती। भारत ने स्पष्ट किया कि परियोजना पर दोनों देशों के बीच बातचीत और सहयोग सही तरीके से आगे बढ़ रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत और जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर लगातार समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने का दोनों देशों का साझा लक्ष्य है।

क्या है मामला?

दरअसल, जापान के पूर्व मंत्री हिदेकी मेखारा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट कर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी को लेकर भारत पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि भारत परियोजना से जुड़े अपने वादों को समय पर पूरा नहीं कर रहा है, जिसके कारण परियोजना की गति प्रभावित हुई है। उनकी इस टिप्पणी के बाद भारत सरकार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परियोजना में देरी को लेकर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं और दोनों देशों के बीच तकनीकी व प्रशासनिक स्तर पर सहयोग जारी है।

भारत ने बताया परियोजना की स्थिति

विदेश मंत्रालय के अनुसार, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना पर काम निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि परियोजना के पहले खंड पर 2027 में संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। जापान की ई-20 ट्रेन की आपूर्ति वर्ष 2030 की शुरुआत में होने की संभावना है। यह ट्रेन अभी निर्माण प्रक्रिया में है। भारत और जापान भारतीय हाई स्पीड रेल प्रणाली के साथ संचालन को लेकर सहमत हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेन संचालन से जुड़े सिग्नल उपकरणों के ऑर्डर भी इसी योजना के अनुरूप दिए जा रहे हैं।

सिग्नल सिस्टम को लेकर भी दिया जवाब

विदेश मंत्रालय ने बताया कि सिग्नल उपकरणों को लेकर जापान की ओर से कोई अलग प्रस्ताव नहीं मिला था। दोनों देश पहले से तय योजना और तकनीकी मानकों के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं। भारत ने कहा कि परियोजना को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार बातचीत हो रही है और किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक मुद्दे का समाधान आपसी सहयोग से किया जा रहा है।

क्या है मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना?

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है। इसे भारत और जापान के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है, जिसे भारत और जापान के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना देश में आधुनिक और तेज रफ्तार रेल परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 508 किलोमीटर होगी, जो महाराष्ट्र के मुंबई से गुजरात के अहमदाबाद तक फैला होगा। इस परियोजना में जापान की अत्याधुनिक शिंकानसेन हाई स्पीड रेल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति करीब 320 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की संभावना है, जिससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। इस रूट पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जहां से यात्रियों को हाई स्पीड रेल सेवा का लाभ मिलेगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना में जापान भारत को तकनीकी सहयोग के साथ-साथ वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रहा है। इसे भारत-जापान की मजबूत रणनीतिक साझेदारी और आधुनिक परिवहन क्षेत्र में सहयोग का प्रमुख उदाहरण माना जाता है।

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