नेत्रहीन को भी चश्मदीद बना देती है बाबा की पुलिस: संजय सिंह

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लखनऊ। आम आदमी पार्टी (आप) सांसद और उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने मेरठ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुये तंज कसा कि ये बाबा (योगी आदित्यनाथ) की पुलिस है जो नेत्रहीन को भी चश्मदीद बना देती है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि मेरठ में एक मीट कारोबारी को जानलेवा हमले …

लखनऊ। आम आदमी पार्टी (आप) सांसद और उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने मेरठ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुये तंज कसा कि ये बाबा (योगी आदित्यनाथ) की पुलिस है जो नेत्रहीन को भी चश्मदीद बना देती है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि मेरठ में एक मीट कारोबारी को जानलेवा हमले के मामले में फंसाते हुए वहां की लिसाड़ी गेट पुलिस ने ना सिर्फ फर्जी मुकदमा दर्ज किया।

बल्कि नेत्रहीन को चश्मदीद बनाकर उसके बयान भी दर्ज कर दिया। उन्होंने ट्वीट किया “ ये बाबा की पुलिस है, नेत्रहीन को भी चश्मदीद बना देती है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र सिंह ने कहा कि इस मामले में विधि प्रकोष्ठ के साथियों से चर्चा के बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे। पीड़ित को इंसाफ दिलाने के साथ दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

लखनऊ: न्यायालय का आदेश भी नहीं मानते नगर निगम के अफसर

नगर निगम के अफसर न्यायालय के आदेश को भी नहीं मानते हैं। शासन के आदेश पर नगर निगम में नियमित किए गए कर्मचारियों को अधिकारियों ने मनमानी कर हटा दिया है। यह बातें नगर निगम में बरसों से संविदा पर कार्यरत व हाल ही में हटाए गए 21 कर्मचारियों ने मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान कही है।

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सोमवार को मार्ग प्रकाश विभाग में संविदा पर कार्यरत लगभग 95 संविदा कर्मचारी नगर आयुक्त को ज्ञापन देने नगर निगम मुख्यालय पहुंचे थे। कर्मचारियों का कहना है कि 1997 से नगर निगम में संविदा पर कार्य कर रहे हैं। वेतन भी उन्हें सीधे नगर निगम से मिल रहा है। संविदा कर्मचारी हसन जिया ने बताया कि 2012, 2016 और 2018 में हमें नगर निगम ने निकाल दिया था।

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