झांसी: कीटों से फसल की सुरक्षा के लिए किसानों को दी गयी जानकारी
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के मद्देनजर फसलों को कीट लगने की बढ़ती आशंका के बीच इनसे बचाव की जानकारियां सांझा की गयी हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी विवेक कुमार ने मंगलवार को बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव को देखते हुए फसलों में निम्न कीट रोग की सम्भावना बन …
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के मद्देनजर फसलों को कीट लगने की बढ़ती आशंका के बीच इनसे बचाव की जानकारियां सांझा की गयी हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी विवेक कुमार ने मंगलवार को बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव को देखते हुए फसलों में निम्न कीट रोग की सम्भावना बन जाती हैं। जैसे चना/मटर/मसूर में हरे रंग की सूडियां जो पत्तियों टहनियों कलियों, फूलों व फलियों को खाकर क्षति पहुंचाती हैं।
इसके जैविक नियंत्रण के लिए नीमाआयल 2.5 लीटर प्रति हैक्ट की दर से 500 से 600 लीटर पानी में घोलकर सांयकाल में छिडकाव करें और आवश्यकतानुसार 15 दिन के अन्तराल में सांय काल छिडकाव करें। रासायनिक नियंत्रण के लिए मैलाथियान 25 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से भुरकाव करें। क्यूनाल्फास दो लीटर प्रति हैक्टर की दर से 600 से 700 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करें। साथ ही खेत की मेड़ों में गैंदा, अलसी, धनिया के पौधें लगाकर भी नियंत्रित कर सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि इस समय राई या सरसों, मटर, मसूर में मौसम के परिवर्तन होने पर माहू के प्रकोप की आशंका बढ़ जाती हैं। माहूं एक प्रकार का महीन पंख युक्त य पंखहीन, हरे रंग का छोटा कीट होता हैं, जो पत्तियों और बालियों, पौधों के कोमल भागों जैसे पत्तियों फूलों का रस चूसते हैं। इसके जैविक नियंत्रण के लिए नीमाआयल 2.5 लीटर प्रति हैक्ट की दर से 500 से 600 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करें और आवश्यकतानुसार 15 दिन के अन्तराल से पुनः छिडकाव करें।
रासायनिक नियंत्रण के लिए मैलाथियान पांच प्रतिशत 25 किग्रा/हैक्ट की दर से भुरकाव करें। अगर यह न हो पाये तो डाईमिथोएट एक लीटर प्रति हैक्ट की दर से 500 से 600 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करें। कृषक फसल सुरक्षा से सम्बन्धित समस्या के निदान के लिए फसल पर रोग, कीट, खरपतवार के नियंत्रण के लिए व्हाट्सएप्प नं. 9452247111 और 9552257111 पर जानकारी निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। इन नंबरों पर किसान व्हाट्सएप के माध्यम से समस्या भेजकर समाधान 48 घंटे में करा सकते हैं।
