रायबरेलीः उत्तरी ग्रिड की मांग बढ़ते ही एनटीपीसी की दो बंद यूनिट चालू

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रायबरेली। उत्तरी ग्रिड द्वारा बिजली की मांग बढ़ते ही एनटीपीसी की बंद पड़ी दो यूनिटों को चालू कर उनसे विद्युत उत्पादन का कार्य शुरू कर दिया गया है। अभी दो नंबर यूनिट मरम्मत कार्य के चलते बंद है। विद्युत उत्पादन में अग्रणी मानी जाने वाली एनटीपीसी परियोजना पर पहले कोयले का संकट उसके बाद उत्तरी …

रायबरेली। उत्तरी ग्रिड द्वारा बिजली की मांग बढ़ते ही एनटीपीसी की बंद पड़ी दो यूनिटों को चालू कर उनसे विद्युत उत्पादन का कार्य शुरू कर दिया गया है। अभी दो नंबर यूनिट मरम्मत कार्य के चलते बंद है। विद्युत उत्पादन में अग्रणी मानी जाने वाली एनटीपीसी परियोजना पर पहले कोयले का संकट उसके बाद उत्तरी ग्रिड ने बिजली की मांग घटा दी। जिसके चलते परियोजना ने पांच अक्टूबर को दूसरी इकाई तो 22 अक्टूबर को पहली इकाई को बंद करना पड़ा। जिसके बाद लगातार घटती मांगों के बीच नवंबर महीने में प्रबंधन ने तीसरी इकाई को भी बंद कर दिया।

इसके बाद परियोजना ने बंद तीनों इकाइयों के मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया। इस बीच इस परियोजना को व्यापारिक राजस्व का काफी नुकसान भी हुआ। मरम्मत का कार्य समाप्त होने के बाद प्रबंधन ग्रिड की मांग बढ़ाए जाने का इंतजार कर रहा था। बुधवार को उत्तरी ग्रिड द्वारा बिजली की मांग बढ़ाते ही देर शाम यूनिट नंबर एक व तीन को स्टार्टअप कर उनसे उत्पादन क्षमता शुरू कर दी। इस तरह परियोजना द्वारा इकाई नंबर एक को 144, तीन 147, चार 129, पांच 137 तथा छठीं इकाई को 350 मेगा वाट विद्युत उत्पादन भार पर संचालित कर दिया गया है।

1550 मेगा वाट विद्युत उत्पादन क्षमता वाली इस परियोजना से मौजूदा समय 907 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। बताते चलें कि इकाई नंबर एक से पांच तक 210, 210 तो वहीं छठीं इकाई 500 मेगावाट उत्पादन क्षमता वाली बनाई गई है। परियोजना की जनसंपर्क अधिकारी कोमल शर्मा ने बताया कि उत्तरी ग्रिड द्वारा बिजली की मांग बढ़ाए जाने पर बंद पड़ी ईकाई नंबर तीन व चार से विद्युत उत्पादन का कार्य शुरू कर दिया गया है। इकाई नंबर दो अभी बंद है, जिसमें मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है।

यह भी पढ़ें:-हरदोई: सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पीने के पानी को तरस रहे मरीज व तीमारदार, जानें क्यों?

संबंधित समाचार