हरदोई: घर से निकली दो सगी बहनें 12 घंटे बाद लौटी, पुलिस ने ली राहत की सांस
हरदोई। पाली थाना क्षेत्र के सलौनी गांव से माता-पिता के अनुपस्थित में घर से नानी के गांव के लिए निकली दो सगी बहनें 12 घंटे बाद सकुशल घर लौट आई। दोनों बच्चों के घर लौटने से परिजन और ग्रामीण खासे खुश दिखाई दिए। वहीं पुलिस को भी सूचना दे दी गई थी, जिसके चलते पुलिस …
हरदोई। पाली थाना क्षेत्र के सलौनी गांव से माता-पिता के अनुपस्थित में घर से नानी के गांव के लिए निकली दो सगी बहनें 12 घंटे बाद सकुशल घर लौट आई। दोनों बच्चों के घर लौटने से परिजन और ग्रामीण खासे खुश दिखाई दिए। वहीं पुलिस को भी सूचना दे दी गई थी, जिसके चलते पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों बच्चों से उनके घर से जाने की वजह पता की।
थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर संदीप कुमार सिंह ने बताया कि पाली थाना क्षेत्र के सलौनी गांव के दलित बृजेश धानुक अपनी पत्नी के साथ बुधवार को बाहर कहीं चले गए थे, बृजेश घर में अपनी मां के सहारे अपनी दोनों बेटियों 10 वर्षीय सरस्वती और 6 वर्षीय गौरी को छोड़ गए थे। इधर दोनों बेटियों को लगा कि उनके मां-बाप उनकी नानी के गांव गए हैं, जिसके चलते गुरुवार की शाम को दोनों सगी बहने घर से बिना बताए नानी के घर गांव के लिए निकल पड़ी।
बृजेश अपनी पत्नी के साथ घर लौट आए, लेकिन जब घर में उनकी दोनों बेटियां नहीं मिली, तो उन्होंने अपनी मां और पास पड़ोसियों से जानकारी की, लेकिन बच्चों का कहीं कोई सुराग नहीं लगा। जिससे परेशान बृजेश ने ग्रामीणों के सहयोग से आसपास तलाश किया, लेकिन जब तक कोई जानकारी नहीं मिली, तो उन्होंने पाली थाना पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पाली पुलिस भी तत्काल सक्रिय हो गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि जब हम गांव पहुंचे, और दोनों बेटियों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। तभी ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बेटियां गांव आ रही है । यह सुनकर परिजन और पास-पड़ोसी काफ़ी खुश हो गए।
उधर पुलिस ने भी राहत की सांस ली । थानाध्यक्ष ने बताया कि जब उन्होंने दोनों बहनों से उनके घर से जाने की वजह पूछी, तो उसने बताया कि उन लोगों को लगा कि उनके मां-बाप अपनी नानी के गांव गए हैं, इसलिए वह भी नानी के गांव के लिए निकल पड़ी। नदी के किनारे भटकती नहीं, और रात होने पर वही नदी के किनारे सो गई । सवेरे दोनों वापस गांव के लिए निकली, फिलहाल दो सगी बहनें 12 घंटे बाद सकुशल घर लौट आई, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली।
यह भी पढ़ें:-भाजपा राज में गरीबों के अनाज पर भी पड़ने लगा है डाका: अखिलेश यादव
