लखनऊ: केजीएमयू 188 खाली पदों को लेकर हुई बैठक, उठी ये मांग
लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में शिक्षक संघ की कार्य परिषद की बैठक हुई। शिक्षक संघ की बैठक में संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के समान वेतन व भत्ते पर सहमति बनी। गौरतलब है कि केजीएमयू परिनियमावली में स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद केजीएमयू के शिक्षकों को पी.जी.आई. के समान 01 जनवरी, 2016 से …
लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में शिक्षक संघ की कार्य परिषद की बैठक हुई। शिक्षक संघ की बैठक में संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के समान वेतन व भत्ते पर सहमति बनी। गौरतलब है कि केजीएमयू परिनियमावली में स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद केजीएमयू के शिक्षकों को पी.जी.आई. के समान 01 जनवरी, 2016 से अनुमन्य पुनर्रक्षित वेतनमान नहीं दिया गया है, जबकि पीजीआई हेतु इस आशय का आदेश 20 फरवरी, 2020 को जारी किया जा चुका है।
यह बैठक प्रो. के.के. सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान केजीएमयू शिक्षक संघ के महासिचव संतोष कुमार ने कहा कि शिक्षक संघ की कई मुद्दों पर सहमति बनी है। जिन्हें शासन को दोबारा ज्ञापन के माध्यम से बताया जाएगा। इसके लिये अगले सप्ताह शिक्षक संघ की आम बैठक बुलाई जाएगी। साथ ही, लोहिया पीजीआई, सैफई व केजीएमयू की कॉमन समस्याओं को देखते हुए संयुक्त शिक्षक संघ का भी गठन किया जाएगा।
प्रोफेसर, एसोसिएट व अस्सिटेंट प्रोफेसर के 188 पद खाली शिक्षक संघ की मीटिंग में बताया गया कि केजीएमयू में प्रोफेसर के 21, एडिशन के 06, एसोसिएट के 30 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 131 पद यानी कुल 188 पद रिक्त हैं। जिनकी केजीएमयू अधिनियम व परिनियमावली के अनुसार नियमित नियुक्ति न करके संविदा के आधार पर भर्ती करने की भूमिका बनायी जा रही है।
उन्होंने कहा एक स्वायत्तशासी संस्था है, जो आवश्यकतानुसार अपनी नियमित भर्तियां दो माह में पूरी कर सकता है। केजीएमयू जैसे संस्थान में इतने पद रिक्त रहते हुए शैक्षणिक एवं शोध कार्य की दृष्टि संविदा शिक्षकों की नियुक्ति करना औचित्यहीन व अवैधानिक है, क्योंकि, परिनियमावली में शिक्षकों के पुनर्नियोजन हेतु ही संविदा पर नियुक्ति का प्रावधान है। बता दें कि, विशेष परिस्थितियों में ही संविदा पर नियुक्ति का प्रावधान है।
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