बरेली: डाक्टरों को बड़ी राहत, क्लीनिकल एक्ट निरस्त
बरेली, अमृत विचार। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) की पैरवी के चलते बरेली समेत प्रदेशभर के चिकित्सकों को बड़ी राहत मिली है। जनवरी से लागू होने वाले क्लीनिकल इस्टेबलिस्मेंट एक्ट पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। लखनऊ में रविवार को आयोजित हुए भाजपा के चिकित्सा प्रकोष्ठ के सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने …
बरेली, अमृत विचार। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) की पैरवी के चलते बरेली समेत प्रदेशभर के चिकित्सकों को बड़ी राहत मिली है। जनवरी से लागू होने वाले क्लीनिकल इस्टेबलिस्मेंट एक्ट पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। लखनऊ में रविवार को आयोजित हुए भाजपा के चिकित्सा प्रकोष्ठ के सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने क्लीनिकल इस्टेबलिस्मेंट एक्ट निरस्त करने की घोषणा की और इसके ऊपर विचार करने के लिए नई कमेटी बनाकर संशोधित लागू कराने का आश्वासन दिया है। सम्मेलन में आईएमए के अध्यक्ष डा. विमल भारद्वाज, प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक एवं ब्रज व अवध प्रांत के प्रभारी डा. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा।
सम्मेलन में प्रदेश भर के 15 सौ से अधिक चिकित्सा प्रकोष्ठ के सदस्यों ने भाग लिया था। कार्यक्रम में पूर्व कृषि मंत्री राधामोहन सिंह भी उपस्थित रहे। इधर आईएमए अध्यक्ष डा. विमल भारद्वाज ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि क्लीनिकल एस्टेबिलिशमेंट एक्ट को वापस लेकर पुनः संशोधन के लिए उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह को बरेली आईएमए और बीएनए की तरफ से ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन के माध्यम से क्लीनिकल एक्ट को चिकित्सकों व मरीजों के पक्ष में पूर्णतया निरस्त करने की मांग की। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने एक्ट को निरस्त करने की घोषणा की।
बताया कि दोबारा से लागू होने वाले एक्ट से चिकित्सकों और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। डा. विमल भारद्वाज ने बताया कि इससे पूर्व प्रदेश स्तर के आईएमए के पदाधिकारियों की ओर से भी एक्ट के विरोध में अपना पक्ष रखा गया। एक्ट को लागू करने से पहले आईएमए की राय भी मांगी जाएगी। इस दौरान डा. अभय मणि त्रिपाठी यूपी चिकित्सा प्रकोष्ठ संयोजक सहित डाक्टर उपस्थित रहे।
