विधानसभा शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने किया प्रदर्शन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। आज यानी बुधवार 15 दिसंबर को विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है। सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी योजना बना ली है। विधानभवन के 3 दिन तक चलने वाले इस सत्र में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सदस्यों ने बढ़ती महंगाई, कानून व्यवस्था और शिक्षक भर्ती के …

लखनऊ। आज यानी बुधवार 15 दिसंबर को विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है। सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी योजना बना ली है। विधानभवन के 3 दिन तक चलने वाले इस सत्र में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सदस्यों ने बढ़ती महंगाई, कानून व्यवस्था और शिक्षक भर्ती के मुद्दों पर सरकार को चौतरफा घेरने की योजना बनाई है। आज सुबह से ही सदन के बाहर विपक्ष के सदस्यों ने अपना विरोध दर्ज किया।

विधानमंडल के शीतकालीन सत्र 17वीं विधानसभा का आखिरी और इस साल का आहू चौथा सत्र है। सत्र के पहले दिन बुधवार को विधानसभा की कार्रवाई सदन के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव राजभर और देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत व 11 अन्य अफसरों कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के बाद स्थगित कर दी जाएगी। वही 16 दिसंबर को वर्तमान वित्तीय वर्ष का दूसरा अनुपूरक बजट, अगले वित्तीय वर्ष का अंतरिम बजट और 2022-23 के शुरुआती 4 महीनों के लिए लेखानुदान प्रस्तुत किया जाएगा।

पढ़ें- लखनऊ: खाली पड़े 58 हजार पदों को जल्द भरेगा यूपीएसएसएससी

विधानमंडल का शीतकालीन सत्र बुधवार को 100 प्रस्तावों के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। 16 दिसंबर को सुबह 11:00 बजे से 2021-22 के दूसरे अनुपूरक बजट, वित्तीय वर्ष 2022-23 के अंतरिम बजट और पहले 4 महीनों के लिए लेखानुदान प्रस्तुत किया जाएगा। सदन में बजट पेश होने के बाद प्रश्न लिए जाएंगे। इसके बाद सदन के एजेंडा के अनुसार आगे की कार्यवाही होगी। इस दिन शाम 4:30 बजे विधानसभा के सभी सदस्यों का ग्रुप फोटो होगा और 17 दिसंबर को सदन में दूसरे अनुपूरक बजट पर चर्चा कर उसे पारित किया जाएगा।

विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में चालू वित्तीय वर्ष के लिए पेश किए जाने वाले दूसरे अनुपूरक बजट में किसानों के लिए बड़ा ऐलान हो सकता है। केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि के तर्ज पर राज्य सरकार अपने खजाने से भी अन्नदाताओं को बड़ी सौगात दे सकती है।

चुनावी साल में दूसरा अनुपूरक बजट पेश करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कि सरकार अपने राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश करेगी। राज्य कर्मचारियों व पेंशनरों को 5 लाख की सीमा तक कैशलेस इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए दूसरे अनुपूरक बजट में संसाधन जुटाने का इंतजाम भी हो सकता है। कुछ खास संवर्गों के कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए भी घोषणा हो सकती हैं।

संबंधित समाचार