माइकल गारसेटी ने कहा, बढ़ता रक्षा व्यापार भारत-अमेरिका संबंधों की बड़ी सफलता की कहानियों में से एक

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

वाशिंगटन। भारत के लिए अगले राजदूत के तौर पर राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा नामित एरिक माइकल गारसेटी ने सांसदों को बताया कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता रक्षा कारोबार द्विपक्षीय संबंधों की बड़ी सफलता की कहानियों में से एक है। गारसेटी (50) वर्तमान में लॉस एंजिल्स के महापौर के रूप में सेवारत हैं और …

वाशिंगटन। भारत के लिए अगले राजदूत के तौर पर राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा नामित एरिक माइकल गारसेटी ने सांसदों को बताया कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता रक्षा कारोबार द्विपक्षीय संबंधों की बड़ी सफलता की कहानियों में से एक है। गारसेटी (50) वर्तमान में लॉस एंजिल्स के महापौर के रूप में सेवारत हैं और बाइडन के निजी विश्वासपात्र हैं।

गारसेटी ने भारत में अमेरिका के राजदूत के रूप में अपने नाम की पुष्टि को लेकर सुनवाई के दौरान कहा कि वह देश के कानून, सीएएटीएसए लागू करने का पूरी तरह से समर्थन करते हैं। वह भारत पर सीएएटीएसए के तहत प्रतिबंधों को लागू किए जाने को लेकर एक सवाल का जवाब दे रहे थे क्योंकि अब भारत को रूस से एस-400 मिसाइल प्रणाली की खेप मिलनी शुरू हो गई है।

गारसेटी ने कहा, ”मैं प्रतिबंधों या छूट के बारे में मंत्री के निर्णय को लेकर पूर्वग्रह नहीं करना चाहता। मैं अध्यक्ष, रैंकिंग सदस्य और सभी (सीनेट विदेश संबंध समिति के) सदस्यों को बताना चाहता हूं कि मैं देश के कानून का पूरी तरह से समर्थन करता हूं, यहां कानून के रूप में कात्सा को लागू करना और इसमें एक हिस्सा छूट का प्रावधान है।” लॉस एंजिलिस के महापौर ने कहा कि अगर उनके नाम की पुष्टि की जाती है, तो वह अमेरिका की अपनी हथियार प्रणालियों के लिए खतरा बन रहे भारत की हथियार प्रणाली के लगातार विविधीकरण की वकालत करेंगे।

उन्होंने कहा, ”अगर यह विविधीकरण नहीं होता है तो हमें अपने डेटा और हमारे सिस्टम की रक्षा करनी होगी।” उन्होंने कहा कि वह भारत-अमेरिका प्रमुख रक्षा साझेदारी को बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे। गारसेटी ने कहा, ”मुझे लगता है कि पिछले कुछ दशकों में शून्य से 20 अरब डॉलर तक की खरीद, खुफिया जानकारी की साझेदारी, अंतर संचालन क्षमता, अभ्यास, समुद्री कार्य के क्षेत्र में यह सफलता की महान कहानियों में से एक है।”

भारत, अमेरिका का एकमात्र नामित ‘प्रमुख रक्षा भागीदार’ (एमडीपी) है। 2016 के बाद से चार प्रमुख रक्षा सक्षम समझौतों को पूरा करने के बाद अमेरिका और भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रमुख रक्षा साझेदार भारत और अमेरिका सूचना साझा करने, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय अभ्यास, समुद्री सुरक्षा सहयोग, संपर्क अधिकारियों के आदान-प्रदान और साजो सामान में सहयोग को और बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।

भारत में मानवाधिकारों से संबंधित सवालों के जवाब में गारसेटी ने सांसदों को आश्वासन दिया कि वह व्यक्तिगत रूप से इस मुद्दे पर भारत में विभिन्न हितधारकों से बात करेंगे। उन्होंने कहा, ”इसमें कोई संदेह नहीं है कि अमेरिका-भारत संबंध लोकतंत्र, मानवाधिकारों और नागरिक समाज के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता पर आधारित होना चाहिए… अगर मेरे नाम की पुष्टि हो जाती है, तो मैं इन मुद्दों को सक्रिय रूप से उठाऊंगा।

मैं उन्हें विनम्रता से उठाऊंगा।” गारसेटी ने कहा, ”ऐसे संगठन हैं जो भारत में जमीन पर लोगों के मानवाधिकारों के लिए सक्रिय रूप से लड़ रहे हैं, जो मुझसे सीधे तौर पर जुड़ेंगे। हम जानते हैं कि लोकतंत्र जटिल हैं और हम इसे अपने देश और भारत में देख सकते हैं, लेकिन यह हमारे साझा मूल्यों की आधारशिला भी है।”

संबंधित समाचार