बरेली: गुटखा कारोबारी के यहां छापेमारी का मामला भूल गए अफसर
बरेली, अमृत विचार। मंडल सहित आसपास के जिलों में भारी मात्रा में बेचे जाने वाले गुटखा मालिक के प्रतिष्ठान पर अगस्त महीने में हुई छापेमारी का मामला दिन बीतने के साथ अफसरों ने भुला दिया है। यह छापेमारी मेरठ से आई सेंट्रल जीएसटी की टीम ने स्थानीय अफसरों को भनक लगे बिना गुपचुप तरीके से …
बरेली, अमृत विचार। मंडल सहित आसपास के जिलों में भारी मात्रा में बेचे जाने वाले गुटखा मालिक के प्रतिष्ठान पर अगस्त महीने में हुई छापेमारी का मामला दिन बीतने के साथ अफसरों ने भुला दिया है। यह छापेमारी मेरठ से आई सेंट्रल जीएसटी की टीम ने स्थानीय अफसरों को भनक लगे बिना गुपचुप तरीके से की थी। टीम ने स्टाक मिलान से जुड़े अभिलेखों में गड़बड़ी का आशंका पर कई अहम दस्तावेज भी कब्जे में लिए थे। लेकिन गुटखा कारोबारी पर शिंकजा कसने में नाकाम अफसरों ने पूरा मामला ही निपटा दिया। स्थानीय अधिकारी अग्रिम कार्रवाई मेरठ की टीम के रिपोर्ट के आधार पर करने की बात कह रहे हैं।
राजेंद्र नगर में बीडीए कालोनी के पास स्थित गगन गुटखा के डिस्ट्रीब्यूटर अमित भारद्वाज के यहां टीम ने छापा मारा था। इनकी कानपुर में गुटखे की फैक्ट्री भी है। कारोबारी का बरेली में भी भारी मात्रा में गुटखे का कारोबार होता है। मेरठ से आई टीम के सभी सदस्यों ने गुटखा व्यापारी के प्रतिष्ठान में दाखिल होने के बाद मुख्य दरवाजा बंद कर कई घंटे उपलब्ध माल का भंडार, अभिलेख और कैश आदि खंगाले थे।
बरेली सेंट्रल जीएसटी के असिसटेंट कमिश्नर अरविंद कुमार ने इसकी पुष्टि की थी टीम सेंट्रल जीएसटी की है और मेरठ से यहां छापेमारी को पहुंची थी, लेकिन अग्रिम कार्रवाई का मामला ठंडा बस्ते में डाल दिया गया। सूत्रों की मानें तो प्रकरण को मैनेज करने की चर्चा भी विभाग में जोरों पर है।
…तो इसलिए टली कार्रवाई
गगन गुटखा के डिस्ट्रीब्यूटर के प्रतिष्ठान और घर पर टीम ने जिस वक्त छापा मारा था। उस वक्त कारोबारी घर पर नहीं मिला था। वह परिवार के साथ जागेश्वर में था। अगले दिन भी टीम ने उसके घर वापसी का इंतजार किया लेकिन जागेश्वार धाम से उसके नहीं लौटने की वजह से कुतुबखाना स्थित गोदाम को चेक करने की कार्रवाई पूरी नहीं हुई। जिसके बाद टीम वापस लौट गई।
