मुरादाबाद : स्टेट हेल्थ एजेंसी का निजी अस्पतालों पर शिकंजा, चार को नोटिस
मुरादाबाद, अमृत विचार। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के इलाज में लापरवाही पर स्टेट हेल्थ एजेंसी ने निजी अस्पतालों पर शिकंजा कस दिया है। एजेंसी के स्टेट नोडल ने ऐसे चार निजी अस्पतालों को नोटिस जारी करते हुए सूची से बाहर करने की चेतावनी जारी की है। इन अस्पतालों ने अब तक …
मुरादाबाद, अमृत विचार। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के इलाज में लापरवाही पर स्टेट हेल्थ एजेंसी ने निजी अस्पतालों पर शिकंजा कस दिया है। एजेंसी के स्टेट नोडल ने ऐसे चार निजी अस्पतालों को नोटिस जारी करते हुए सूची से बाहर करने की चेतावनी जारी की है। इन अस्पतालों ने अब तक एक भी कार्ड धारक का उपचार नहीं किया है। स्टेट एजेंसी की इस कार्रवाई के बाद निजी अस्पताल संचालकों में खलबली मची है।
बता दें कि पात्र लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड के आधार पर पांच लाख रुपये की सीमा तक गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज मिलता है। योजना में जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के अलावा 45 निजी अस्पताल भी पैनल में शामिल हैं। लेकिन, जिले के निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों को भर्ती करने के नाम हीलाहवाली भी की जाती है।
सूची में शामिल अस्पतालों की मनमानी अब भारी पड़ेगी। क्योंकि स्टेट नोडल हेल्थ एजेंसी के नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक डॉ. बीके श्रीवास्तव ने जिले के चार निजी अस्पतालों प्रीमियर डेंटिस्ट्री, श्री महेश नेत्रालय, कायरान चिल्ड्रेन हॉस्पिटल और लाल सिंह मेमोरियल अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत एक भी मरीज भर्ती न करने पर नोटिस जारी किया है। हालांकि अस्पताल संचालकों की गुजारिश पर इन्हें सात जनवरी तक मोहलत दी है। यदि तब तक आयुष्मान कार्डधारकों का उपचार शुरू नहीं किया तो इन अस्पतालों को सूची से बाहर कर दिया जाएगा।
विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नोडल डिप्टी सीएमओ डॉ.प्रवीन श्रीवास्तव का कहना है कि निजी अस्पतालों में आयुष्मान के मरीज भर्ती न करने वालों की स्थानीय स्तर पर जांच कर चेतावनी दी जाएगी। योजना का लाभ न देने वाले अस्पतालों को सूची से बाहर करने के अलावा अन्य कार्रवाई भी होगी।
