कानपुर : जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के चलते ओपीडी में परेशान दिखे मरीज और तीमारदार

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर। नीट पीजी 2021 के एडमिशन में हो रही देरी से नाराज जीएमवीएम मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की असर ओपीडी मरीजों का सामना करना पड़ रहा हैं। ओपीडी, इनडोर और रूटीन ऑपरेशन का काम भी प्रभावित हुआ है। सीनियर कंसलटेंट ओपीडी में बैठे हैं, मगर जूनियर डॉक्टर न तो ओपीडी में गए …

कानपुर। नीट पीजी 2021 के एडमिशन में हो रही देरी से नाराज जीएमवीएम मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की असर ओपीडी मरीजों का सामना करना पड़ रहा हैं। ओपीडी, इनडोर और रूटीन ऑपरेशन का काम भी प्रभावित हुआ है। सीनियर कंसलटेंट ओपीडी में बैठे हैं, मगर जूनियर डॉक्टर न तो ओपीडी में गए और न ही वार्डों में ड्यूटी संभाली। सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं बहाल रखी हैं।

जेआर की हड़ताल के चलते इमरजेंसी में लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के ऑपरेशन और सर्जरी भी जूनियर डॉक्टरों ने ही की। लेकिन वह लोग ओपीडी, वार्डों में भर्ती मरीजों और अन्य सेवाओं का बहिष्कार किया। 11 दिसम्बर को उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के आश्वासन के बाद हड़ताल निलम्बित कर दी थी इसके लिए 17 दिसम्बर तक समय दिया था।

डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांगों को पूरा करने की दिशा में काम नहीं हुआ है इसलिए वह दोबारा हड़ताल कर रहे हैं। यह हड़ताल अनिश्चित कालीन रहेगी। हालांकि इमरजेंसी में फिलहाल मरीजों को देखा जा रहा है और उनकी भर्ती भी की जा रही है। जूनियर डॉक्टर इमरजेंसी के सामने अपनी मांगों के पोस्टर के साथ धरने पर बैठे हैं।

सर्जरी की कमान प्राचार्य ने संभाली

जिन मरीजों के ऑपरेशन और सर्जरी सोमवार के लिए निर्धारित थी उसकी कमान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय काला ने संभाली। उनका सेठ देने के लिए कई विभाग के डॉक्टर भी ओटी में मौजूद रहे। इसके बावजूद कई मरीजों की सर्जरी आज नहीं हो पाई। हड़ताल के चलते सुबह 12 बजे के बाद ओपीडी के परचे बनना शुरू हुए। मरीजों की भीड़ देख कर कंप्यूटर ऑपरेटर भी अपना काउंटर छोड़ कर भाग निकले। शनिवार को कुचल 65 परचे बने थे जिन्हे जेआर ने देखा भी था लेकिन सोमवार को एक भी जेआर ओपीडी की तरफ नहीं गया।

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