सफाई कर्मियों का EPF और ESI हजम कर रहीं हैं कार्यदायी संस्थाएं
लखनऊ। नगर निगम में तैनात कार्यदायी संस्थाएं सफाई कर्मियों का ईपीएफ और ईएसआई हजम कर रही हैं। कर्मियों के वेतन का भुगतान लेने के लिए नगर निगम में झूठा शपथ पत्र दे रही हैं। जबकि निगम कार्यदायी संस्थाओं को कर्मचारियों के वेतन के साथ 13 प्रतिशत ईपीएफ और तीन प्रतिशत ईएसआई का भुगतान भी कर …
लखनऊ। नगर निगम में तैनात कार्यदायी संस्थाएं सफाई कर्मियों का ईपीएफ और ईएसआई हजम कर रही हैं। कर्मियों के वेतन का भुगतान लेने के लिए नगर निगम में झूठा शपथ पत्र दे रही हैं। जबकि निगम कार्यदायी संस्थाओं को कर्मचारियों के वेतन के साथ 13 प्रतिशत ईपीएफ और तीन प्रतिशत ईएसआई का भुगतान भी कर रहा है। नगर निगम में कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से कार्य कर रहे सफाईकर्मियों ने यह आरोप लगाया है।
लखनऊ नगर निगम में 40 कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से लगभग 11 हजार सफाई कर्मी आठों जोनों में सफाई कार्य के लिए लगे हैं। इन्हें 309 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। नगर निगम इन कर्मचारियों के वेतन से कटौती कर 13 प्रतिशत ईपीएफ और तीन प्रतिशत ईएसआई का भी कार्यदायी संस्थाओं को भुगतान करता है।
लेकिन कार्यदायी संस्थाएं कर्मचारियों को कटौती के साथ वेतन तो दे रही हैं लेकिन ईपीएफ और ईएसआई हजम कर रही हैं। अगस्त 2021 से सफाई कर्मियों का कार्यदायी संस्थाओं ने ईपीएफ और ईएसआई जमा नहीं किया है। जबकि नगर निगम द्वारा कार्यदायी संस्थाओं से सफाई कर्मियों का ईपीएफ और ईएसआई जमा होने का शपथ पत्र मांगा जाता है। भुगतान पाने के लिए कार्यदायी संस्थाएं झूठा शपथ पत्र दे रही हैं।
सफाई कर्मियों में आक्रोश नगर आयुक्त से करेंगे शिकायत
मामले की जानकारी सामने आने पर कार्यदायी संस्थाओं के सफाई कर्मियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि वैसे भी वेतन कम मिलता है, उस पर कटौती का पैसा भी कार्यदायी संस्थाएं जमा नहीं कर रही हैं। कार्यदायी संस्थाएं कभी भी काम से हटा देती हैं जिसके बाद बाकी पैसा भी नहीं मिल पाता है। कर्मचारियों ने इसकी शिकायत नगर आयुक्त अजय द्विवेदी से करने की बात कही है।
कुछ कार्यदायी संस्थाएं सफाई कर्मियों का ईपीएफ और ईएसआई जमा नहीं कर रही हैं। मुख्य वित्त लेखाधिकारी से इसकी लिखित जानकारी मांगी गयी है। जो कार्यदायी संस्था ऐसा नहीं कर रही है उसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायी जाएगी… यमुनाधर चौहान,
सहायक नगर आयुक्त।
