बरेली: 2056 में से 1860 मतदाताओं ने किया मतदान, मतगणना आज
विधि संवाददाता, बरेली, अमृत विचार। बरेली बार एसोसिएशन के दो वर्षीय चुनाव में सोमवार को 21 पदों पर 66 प्रत्याशियों के लिए मतदान हुआ। 2056 मतदाताओं में से 90 प्रतिशत (1860) अधिवक्ताओं ने शाम 5 बजे तक मतदान किया। अब सभी प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों मे बंद हो गयी। मुख्य चुनाव अधिकारी ने मतदान सम्पन्न …
विधि संवाददाता, बरेली, अमृत विचार। बरेली बार एसोसिएशन के दो वर्षीय चुनाव में सोमवार को 21 पदों पर 66 प्रत्याशियों के लिए मतदान हुआ। 2056 मतदाताओं में से 90 प्रतिशत (1860) अधिवक्ताओं ने शाम 5 बजे तक मतदान किया। अब सभी प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों मे बंद हो गयी। मुख्य चुनाव अधिकारी ने मतदान सम्पन्न होने के बाद सभी प्रत्याशियों की उपस्थिति में पोलिंग बूथों से मतपेटियों को उठवाकर स्ट्रांग रूम में रखवा दिया।
मंगलवार को सुबह 9:30 बजे से चुनाव अधिकारियों व प्रत्याशियों की मौजूदगी में सीलबंद ताला खुलवाकर मतगणना शुरू की जायेगी। सोमवार की रात स्ट्रांग रूम पुलिस की निगरानी में रहा। मतदान मुख्य चुनाव अधिकारी सत्येंद्र शंकर सक्सेना ‘सुबोध’ के कुशल नेतृत्व में हुआ। चुनाव अधिकारियों के पैनल ने पोलिंग एजेंट्स को सभी 7 बूथों पर नियुक्त करने के बाद मतदान शुरू कराया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट नजर आया। व्यवस्था का जायजा लेने के लिए सीओ श्वेता यादव ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हिमांशु निगम के साथ मतदान केंद्र का निरीक्षण किया।
सोमवार सुबह जल्द शुरू हुआ मतदान शुरूआत में धीमी गति से शुरू हुआ। दोपहर 1.30 बजे लंच तक 46 प्रतिशत (952) अधिवक्ताओं ने ही मतदान किया था, मगर दोपहर 2 बजे से 5 बजे के बीच महज तीन घंटे के अंदर ही मतदाताओं की संख्या दोगुनी हो गयी। शाम 5 बजे मतदान सम्पन्न होने के बाद सभी 7 बूथों पर 1860 वोटरों ने मतदान किया।
शांतिपूर्ण व व्यवस्थित चुनाव को की गयी थी व्यूह रचना
अधिवक्ताओं का चुनाव शांतिपूर्ण व व्यवस्थित तरीके से कराना चुनाव मण्डल के लिए चुनौती पूर्ण कार्य था, मगर बेहतर प्रबंधन व अनुभव के आधार पर वरिष्ठ अधिवक्ता मुख्य चुनाव अधिकारी सत्येंद्र शंकर सक्सेना ‘सुबोध’ के नेतृत्व में चुनाव अधिकारियों की टीम जिनमें मो. जुबैर अमजद, जितेंद्र मोहन शर्मा, महावीर सिंह यादव, राकेश कुमार सक्सेना, विशम्भर कुमार आनन्द, रूप राम राना, आनन्द कुमार रस्तोगी, पूरन लाल प्रजापति, प्रेम सिंह चौधरी, अरविन्द कुमार पाण्डेय आदि ने चाकचौबंद कसी हुई रणनीति के तहत चुनाव सम्पन्न कराया।
