रामपुर : पिकअप में लदी 20 कुंतल खैर की लकड़ी बरामद, रिपोर्ट दर्ज
रामपुर/स्वार, अमृत विचार। पीपली वन से अवैध रूप से काटकर लाई जा रही बेशकीमती खैर की लकड़ी वन विभाग व पुलिस ने संयुक्त रुप से बरामद की है जबकि वन तस्कर फरार हो गए। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चालक समेत चार वन तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। तहसील …
रामपुर/स्वार, अमृत विचार। पीपली वन से अवैध रूप से काटकर लाई जा रही बेशकीमती खैर की लकड़ी वन विभाग व पुलिस ने संयुक्त रुप से बरामद की है जबकि वन तस्कर फरार हो गए। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चालक समेत चार वन तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
तहसील क्षेत्र स्थित पीपलीवन से बेशकीमती लकड़ी का कटान रुकने का नाम ही ले रहा है। लगातार वन क्षेत्र से खैर, शीशम, सागौन की लकड़ी का कटान कर तस्करी की जा रही है। रात के अंधेरे में ही नहीं बल्कि दिन में भी पीपलीवन में कुल्हाड़ी की आवाज गूंजती रहती है। जिसमें वन कर्मियों की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है।
शुक्रवार को वन विभाग को सूचना मिली कि पीपली वन से खैर की लकड़ी का कटान कर पिकअप में लादकर मिलक खानम की ओर लाई जा रही है। इस पर वन विभाग ने मिलक खानम पुलिस को सूचना दी। संयुक्त रूप से गांव पदमपुर के चौराहे पर पिकअप का इंतजार करने लगे। गदरपुर से आ रही पिकअप को वन विभाग का पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो चालक ने गति बढ़ा दी।
इस पर टीम ने पीछाकर पिकअप को रोक लिया। जिसके बाद पिकअप में लदी 20 कुंतल खैर की लकड़ी बरामद कर थाने ले आए। वन तस्कर फरार हो गए। पुलिस ने उत्तराखंड के गदरपुर के गांव मुकंदपुर निवासी चालक असमेली बताया है। फरार हुए वन तस्करों के नाम गदरपुर निवासी मोहम्मद आसिम, गदरपुर के गांव लंगड़ा भोज निवासी नवी शेख, गदरपुर करतार पुर निवासी जावेद के नाम बताए हैं। पुलिस ने वन रक्षक सोमपाल की ओर से रिपोर्ट दर्ज की है।
जिले में धड़ल्ले से गुजर रही खैर की लकड़ी
खैर की लकड़ी काटकर उसको अवैध रूप से बेचने का मामला तस्करों द्वारा तेजी से चल रहा है। आए दिन तस्कर लकड़ी को काटकर चुपचाप रात के अंधेरे में निकालकर ले जाते हैं। अगर पुलिस को सूचना मिल जाती तो कार्रवाई कर देती है। अगर नहीं होती तो चालक फर्राटा भरकर वाहन को ले जाते हैं। भोट और स्वार क्षेत्र में कई बार वन तस्कर पकड़े जा चुके हैं।
