लखनऊ: प्रदेश की 34 गन्ना समितियों में सातवां वेतनमान लागू
लखनऊ। प्रदेश की 34 सहकारी गन्ना समितियों के कर्मचारियों के लिए सातवां वेतनमान लागू कर दिया गया । इसी प्रकार पांच क्षेत्रीय गन्ना सेवा प्रधिकरण एवं तीन जिला गन्ना सेवा प्राधिकरणों को भी सातवें वेतनमान को उच्चीकृत किया गया। इसके अलावा विगत 25 वर्षों से चतुर्थ वेतनमान पा रही दो सहकारी गन्ना समितियों को पंचम …
लखनऊ। प्रदेश की 34 सहकारी गन्ना समितियों के कर्मचारियों के लिए सातवां वेतनमान लागू कर दिया गया । इसी प्रकार पांच क्षेत्रीय गन्ना सेवा प्रधिकरण एवं तीन जिला गन्ना सेवा प्राधिकरणों को भी सातवें वेतनमान को उच्चीकृत किया गया। इसके अलावा विगत 25 वर्षों से चतुर्थ वेतनमान पा रही दो सहकारी गन्ना समितियों को पंचम वेतनमान एवं विगत 15 वर्षों से पंचम वेतनमान पा रही तीन सहकारी गन्ना समितियां को भी छठे वेतनमान में उच्चीकृत करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
गन्ना आयुक्त एवं निबन्धक सहकारी गन्ना समितियां संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि निबन्धक ने बताया कि इससे पूर्व 43 सहकारी गन्ना समितियों को सातवां वेतनमान प्रदान कर दिया गया था तथा 34 गन्ना समितियों को इस बार उच्चीकृत वेतनमान प्रदान करने से अब प्रदेश की 77 सहकारी गन्ना विकास समितियों में सातवॉ वेतनमान लागू हो जायेगा।
सहकारी गन्ना समितियों के कार्मिकों को उच्चीकृत वेतनमान का लाभ प्रदान करने के लिए गन्ना समितियों की वित्तीय स्थिति के पारदर्शी तरीके से आंकलन के लिए समितियों के वर्ष एवं संचित लाभ, गन्ना विकास अंशदान से प्राप्त हो रही आय एवं उसके सापेक्ष व्यय, अन्य संस्थाओं की देनदारी, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की देनदारी, प्रबन्धकीय व्यय में गन्ना मूल्य का व्यावर्तन, अषोध्य एवं पुराने ऋण की वसूली जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं को सम्मिलित किया गया है।
निबन्धक द्वारा समिति कार्मिकों से अपेक्षा भी की है कि, वह ‘‘गन्ना विभाग किसान के द्वार‘‘ की संकल्पना को साकार करने तथा विभाग की विश्वसनीयता अक्षुण्य रखने के उद्देश्य से पूर्ण मनोयोग से अपने दायित्वों का निर्वहन करें, साथ ही अपनी सहकारी समितियों को मजबूत करने हेतु सदैव प्रयासरत रहें।
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