लखनऊ: कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से लोहिया संस्थान में टले ऑपरेशन, जांचें भी ठप
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में चतुर्थ श्रेणी कर्मी के अपहरण के 10 दिन बाद भी पुलिस के एक्शन न लेने से नाराज नियमित कर्मियों ने आज सोमवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है, कार्य बहिष्कार के परिणाम स्वरूप जहां मरीजों के ऑपरेशन टल गये हैं। वहीं पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी की जांचें …
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में चतुर्थ श्रेणी कर्मी के अपहरण के 10 दिन बाद भी पुलिस के एक्शन न लेने से नाराज नियमित कर्मियों ने आज सोमवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है, कार्य बहिष्कार के परिणाम स्वरूप जहां मरीजों के ऑपरेशन टल गये हैं। वहीं पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी की जांचें भी ठप हो गयी हैं। इसके अतिरिक्त दवा वितरण का कार्य भी प्रभावित हुआ है।
ज्ञात हो संस्थान के नियमित कर्मचारियों ने इस संबंध में संस्थान की निदेशक को बीते 24 दिसंबर को लिखे पत्र में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्रीराम यादव के 18 दिसंबर को संस्थान परिसर से अपहरण किए जाने को लेकर अब तक पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने की बात कहते हुए 27 दिसंबर से कार्य बहिष्कार की सूचना दी थी। पत्र में हालांकि संस्थान की ओर से इस संबंध में की जाने वाली कार्रवाई के लिए आभार जताया गया है। जबकि पुलिस के रवैये के प्रति नाराजगी जताई गई है।
कर्मचारी नेता अमित शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आज के कार्य बहिष्कार से ओपीडी सेवाओं और इमरजेंसी सेवाओं को अलग रखा गया है लेकिन ऑपरेशन थिएटर में ओटी टेक्नीशियन के हड़ताल पर जाने से जहां करीब 30 से 40 ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं, वहीं विभिन्न प्रकार की खून की जांचें और एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड जैसी जांचें भी नहीं हो पा रही हैं। इसके अतिरिक्त जहां तक दवा वितरण की बात है तो इसमें संविदा वाले फार्मासिस्ट ही दवा का वितरण कर पा रहे हैं बाकी नियमित फार्मासिस्ट के कार्य बहिष्कार के कारण यह कार्य भी खासा प्रभावित हो रहा है।
संस्थान में आने वाले मरीजों को दिक्कत होना शुरू हो गयी हैं। सोमवार का दिन होने के चलते इस दिन अपेक्षाकृत ज्यादा ही मरीज पहुंचते हैं। कर्मचारियों का कहना है आज शाम 5 बजे कैंडल मार्च निकालेंगे उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन की ओर से हड़ताल स्थगित करने का दबाव बनाया जा रहा है। वही अस्पताल की निर्देशिका का भी कहना है कि हड़ताल स्थगित कर दी जाय।
यह भी पढ़ें:-अंतिम व्यक्ति का उत्थान राम राज्य की अवधारणा की बुनियाद: ऋषिकेश उपाध्याय
