लखनऊ: 17 दिन बाद भी महेंद्र के हत्यारे पुलिस की पकड़ से दूर
लखनऊ। अपनी तेजतर्रार कार्यशैली के लिए मशहूर राजधानी पुलिस की इन दिनों एक हत्या मामले के कारण काफी थू-थू हो रही है। ठेकेदार महेंद्र जायसवाल हत्याकांड राजधानी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। घटना को 17 दिन बीत चुके हैं, पर महेंद्र के हत्यारे अबतक लखनऊ की आंख से ओझल हैं। 50 से …
लखनऊ। अपनी तेजतर्रार कार्यशैली के लिए मशहूर राजधानी पुलिस की इन दिनों एक हत्या मामले के कारण काफी थू-थू हो रही है। ठेकेदार महेंद्र जायसवाल हत्याकांड राजधानी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। घटना को 17 दिन बीत चुके हैं, पर महेंद्र के हत्यारे अबतक लखनऊ की आंख से ओझल हैं।
50 से अधिक लोगों से पूछताछ, नहीं मिला कोई भी सुराग
विदित हो कि गत 12 दिसंबर को कृष्णानगर थाना क्षेत्र में दिन-दहाड़े बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर ठेकेदार महेंद्र जायसवाल की हत्या कर दी थी। महेंद्र कुंडा के पूर्व बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का ड्राइवर हुआ करता था। इस कारण पुलिस इस घटना को गैंगवार के दृष्टिकोण से देखते हुए छानबीन कर रही थी।
घटना स्थल से महेंद्र का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ था, पर इसके सीडीआर से पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका। इधर मामले की तहकीकात के लिए महेंद्र के पैतृक गांव भेजी गई क्राइम सेल की टीम को भी बेरंग लौटना पड़ा। मामले में अबतक पुलिस 50 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है, पर फिर भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
रूट चार्ज नहीं तैयार
तत्कालीन डीसीपी मध्य लखनऊ डॉ स्वाती गर्ग ने बताया था कि मामले में हत्यारों का रूट चार्ट बनाया जा रहा है और उनकी ट्रैकिंग के लिए विशेष टीम को रवाना किया जाएगा। पर यह रूट चार्ट तैयार ही नहीं हुआ। लगता है पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही। जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
मामले की तहकीकात जारी है। पर अबतक कोई समुचित सुराग नहीं मिल सका है। गाजीपुर समेत अन्य संभावित जगहों पर पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा…आलोक कुमार, प्रभारी निरीक्षक, कृष्णा नगर कोतवाली।
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