मुरादाबाद : मोदी के तीन तलाक कानून ने मेरा घर टूटने से बचा लिया : जरीन मशहूद

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। केंद्र सरकार द्वारा अमल में लाए गए तीन तलाक कानून को जहां सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के हित में लाया गया कानून बताया था। तो कई मुस्लिम संगठनों ने इसका पुरजोर विरोध किया था। वहीं कुछ मुस्लिम महिलाओं ने आगे आकर सरकार के इस फैसले का समर्थन भी किया था। सरकार ने …

मुरादाबाद, अमृत विचार। केंद्र सरकार द्वारा अमल में लाए गए तीन तलाक कानून को जहां सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के हित में लाया गया कानून बताया था। तो कई मुस्लिम संगठनों ने इसका पुरजोर विरोध किया था। वहीं कुछ मुस्लिम महिलाओं ने आगे आकर सरकार के इस फैसले का समर्थन भी किया था। सरकार ने दावा किया था कि इस कानून को अमल में लाने के बाद तीन तलाक मामलों में कमी आएगी।

बीती एक अगस्त को तीन तलाक कानून के दो साल पूरे होने पर राजधानी दिल्ली में ‘मुस्लिम महिला अधिकार दिवस’ का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था कि मुस्लिम महिला (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज ) एक्ट लागू होने के बाद तीन तलाक के मामलों में 80 फीसदी की कमी आई है। जिसकी एक नजीर मुरादाबाद से सामने आई है। यहां थाना नागफनी इलाके के नवाबपुरा की रहने वाली एक महिला की जिंदगी तीन तलाक कानून की वजह से तबाह होने से बच गई। ये बात हम नहीं बल्कि खुद तीन तलाक का शिकार होने जा रही जरीन मशहूद ने कलक्ट्रेट परिसर के बाहर अमृत विचार से खास बातचीत में कही।

उन्होंने बताया कि उनका विवाह 10 माह पूर्व नवाबपुरा के रहने वाले अधिवक्ता समीर खान के साथ हुआ था। निकाह के बाद से  पति और सुसरालवाले उनसे कार की मांग कर रहे थे और डिमांड पूरी न होने पर तलाक की धमकी दे रहे थे। इसके बाद पीड़िता ने नगर विधायक रितेश गुप्ता का दरवाजा खटखटाया। विधायक रितेश गुप्ता ने तुरंत अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी देकर महिला को हर मुमकिन मदद का आश्वासन दिया। जिसके बाद महिला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पहुंची और आप बीती बताई। पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और महिला को मदद का आश्वासन दिलाया।

पीड़ित महिला ने कहा कि केंद्र में मोदी, शहर में विधायक और पुलिस मदद नहीं करती तो उनके पति तीन तलाक देकर उसे घर से बाहर कर देते। पीड़ित कहना है कि मोदी जी के लाए गए तीन तलाक कानून की वजह से उनका तलाक होने से बच गया। वह मोदी की शुक्रगुज़ार है कि तीन तलाक कानून लागू होने से उस जैसी महिलाओं का उत्पीड़न होने से बच गया।

वहीं मामले की जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी कोतवाली आलोक अग्रहरी ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की तरफ से महिला की समस्या का समाधान करने को निर्देशित किया गया था। मामले में जानकारी करने के बाद स्वयं संबंधित थाने जाकर सम्बंधित से पूरे प्रकरण पर जानकारी की गई। जिसके बाद तुरंत निर्देशित किया गया कि दोनों पक्षों को बुलाकर नियमानुसार कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि महिला का तलाक न देना और घर बनाने की बात कहना ये प्रमाणित करता है कि महिला वास्तविक पीड़ित है। महिला कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं चाहती। दोनों पक्षों को बुलाकर नियमानुसार मामले का निपटारा कराया जा रहा है।

 

संबंधित समाचार