बरेली: पॉक्सो कोर्ट के समक्ष हाजिर नहीं हुए भाजपा जिलाध्यक्ष, अधिवक्ता ने मांगा समय
विधि संवाददाता, बरेली, अमृत विचार। छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट की धाराओं में दर्ज केस में आंवला पुलिस द्वारा दाखिल एफआर को निरस्त करते हुए पॉक्सो कोर्ट ने गुरुवार को भाजपा के आंवला जिलाध्यक्ष वीर सिंह पाल समेत पांचों आरोपियों को तलब किया। आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए मगर उनकी ओर से अधिवक्ता अजय कुमार निर्मोही …
विधि संवाददाता, बरेली, अमृत विचार। छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट की धाराओं में दर्ज केस में आंवला पुलिस द्वारा दाखिल एफआर को निरस्त करते हुए पॉक्सो कोर्ट ने गुरुवार को भाजपा के आंवला जिलाध्यक्ष वीर सिंह पाल समेत पांचों आरोपियों को तलब किया। आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए मगर उनकी ओर से अधिवक्ता अजय कुमार निर्मोही ने वकालतनामा दाखिल करते हुए कोर्ट से 20 दिन का समय मांगा है। जिस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई को 29 जनवरी नियत की है।
कोर्ट के आदेश पर नाबालिग से छेड़छाड़ घर में घुसकर मारपीट, पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में तीन सगे भाइयों राजू, पप्पी, गुडडू के अलावा वीर सिंह पाल व दर्पण के विरुद्ध आंवला थाने में 27 जुलाई 2019 को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिसमें विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों को लाभ पहुंचाने की नियत से फाइनल रिपोर्ट को कोर्ट भेज दी थी। जिसको कोर्ट ने खारिज कर वीर सिंह पाल व पप्पी के साथ तीन सगे भाइयों राजू, गुड्डू व दर्पण को अदालत में तलब किया।
वादी मुकदमा महिला ने आरोप लगाया था कि 2 जून 2019 की रात 11:30 बजे घर में तमंचे व लाठी डंडे लेकर पांचों लोग आ गये और दरवाजे की कुंडी खटखटाई, जिस पर उसने समझा कि पति व पुत्र आ गये हैं। आरोप लगाया कि दरवाजा खोलने पर पांचों गालियां देते हुए घर में घुस आये और 16 वर्षीय बेटी को वीर सिंह पाल व पप्पी ने पकड़ लिया और छेड़छाड़ की। पहले तो पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।
तत्कालीन स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट इफ्तेखार अहमद ने 23 जुलाई 2019 को आंवला पुलिस को पांचों आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज करने का आदेश दिया था, तब जाकर कहीं पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज थी, मगर अब आरोपियों से साठगांठ कर फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में भेज दी। इसमें अदालत ने एफआर निरस्त कर दी थी।
