रामपुर : बेरोजगारी कभी नहीं बन पाया चुनावी मुद्दा
सुहेल जैदी/मुरादाबाद, अमृत विचार। फैक्ट्रियों के मामले में कानपुर के बाद नाम लिए जाने वाले रामपुर शहर में युवाओं के लिए रोजगार का टोटा है। नवाबी दौर का जिक्र करें तो रामपुर में 52 फैक्ट्रियां थीं लेकिन, आजादी के बाद से स्थानीय स्तर पर हर चुनाव में जाति-धर्म संप्रदाय की राजनीति का ऐसा जहर घुलता …
सुहेल जैदी/मुरादाबाद, अमृत विचार। फैक्ट्रियों के मामले में कानपुर के बाद नाम लिए जाने वाले रामपुर शहर में युवाओं के लिए रोजगार का टोटा है। नवाबी दौर का जिक्र करें तो रामपुर में 52 फैक्ट्रियां थीं लेकिन, आजादी के बाद से स्थानीय स्तर पर हर चुनाव में जाति-धर्म संप्रदाय की राजनीति का ऐसा जहर घुलता गया, जिसकी देखा-देखी रामपुर के अन्य नेता भी इसी डगर पर चल पड़े और रोजगार को कभी चुनावी मुद्दा नहीं बनाया।
बल्कि, हजारों लोगों को रोजगार दे रहीं फैक्ट्रियों को भी अपनी सियासत चमकाने के चक्कर में बंद करा दिया गया।
फिलवक्त, कभी औद्योगिक नगरी कहे जाने वाले रामपुर में नौजवानों के लिए रोजगार का टोटा है। रोजगार दफ्तर की बात करें तो इसके माध्यम से पूरे साल (वर्ष 2021) में महज 576 युवाओं को रोजगार मिला है। रामपुर में रोजगार की किल्लत के कारण तमाम प्रतिभाएं विदेशों को पलायन कर रही हैं। बहुत अच्छे फनकार, दुबई, शारजाह, मक्का, मदीना, कुवैत, लंदन, अमेरिका और साउथ अफ्रीका में अपना फन बेच रहे हैं। खासकर लकड़ी पर शानदार कारवीन (नक्काशी) करने वाले कारीगरों की खाड़ी देशों में बहुत मांग है।
इसके अलावा जरदोजी बनाने वाले कारीगर भी विदेशों को पलायन कर गए हैं। इसके अलावा पढ़े-लिखे युवा भी पश्चिमी देशों को अपनी प्रतिभा का लाभ पहुंचा रहे हैं। रामपुर में रोजगार के अवसर मिलते तो निश्चित रूप से प्रतिभाएं अपना वतन नहीं छोड़तीं। रामपुर के सियासतदानों ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया मस्जिद और मंदिर की सियासत में रामपुर की अवाम को उलझाकर लखनऊ और दिल्ली का रास्ता ढूंढ लिया।
मौजूदा वक्त में जिले में सैंकड़ों बेरोजगार युवाओं के हाथों मे ई रिक्शाएं हैं। जबकि, रामपुर चीनी मिल समेत कई छोटी बड़ी फैक्ट्रियों को चलवाया जा सकता था। हर फैक्ट्री का हजारों हेक्टेअर का रकबा है जिस पर माफिया कब्जा करके प्लाटिंग कर रहे हैं। युवाओं को रोजगार देने की दिशा में काम होता तो निश्चित रूप से रामपुर की तस्वीर दुनिया के नक्शे पर चमकती।
फैक्ट फाइल
जिले की कुल आबादी -23 लाख 49 हजार 258
रोजगार दफ्तर में दर्ज कुल बेरोजगार -18832
पुरुष -13905, महिला -4927
वर्ष 2021 में रोजगार दफ्तर से प्राइवेट कंपनियों में युवाओं को मिला रोजगार- 553
सरकार विभागों में मिला रोजगार – 23
आंकड़े – जिला सेवा योजन कार्यालय
परेशानी
नवाबी दौर में स्थापित थीं जिले में 52 फैक्ट्रियां
