रायबरेली: बिन मौमस बारिश से लुढ़का पारा, कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित
रायबरेली। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूरा जिला शीत लहर की चपेट में है। पारा गिरने के साथ लगातार तीन दिन से बारिश हो रही है। धूप न निकलने से हर जगह कीचड़ और जलभराव हो गया है। तीन दिन में रिकार्ड 50 एमएम पानी बरस चुका है। यह जनवरी का रिकार्ड है। शुक्रवार को पूरी …
रायबरेली। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूरा जिला शीत लहर की चपेट में है। पारा गिरने के साथ लगातार तीन दिन से बारिश हो रही है। धूप न निकलने से हर जगह कीचड़ और जलभराव हो गया है। तीन दिन में रिकार्ड 50 एमएम पानी बरस चुका है। यह जनवरी का रिकार्ड है। शुक्रवार को पूरी रात बारिश होती रही। वहीं, शनिवार सुबह तेज बारिश हुई। पूरे दिन लोग गलन भरी सर्दी से कांपते रहे। तापमान भी नीचे गिरता नजर आया। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी ठंड अधिक सितम ढा रही है।
पूरे दिन बादल छाने के साथ बारिश व कोहरा की धुंध एवं शीत लहर से लोग कांपते रहते है। सर्दी इतनी अधिक है कि लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। शनिवार को सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहे और पूरे दिन कोहरे की धुंध छाने के साथ-साथ बारिश होती रही।

इसके अलावा बर्फीली हवाओं के चलने के कारण लोगों को सर्दी का कड़ा मुकाबला करना पड़ा। ठंड बढ़ने के कारण जहां पर जनजीवन तो अस्त-व्यस्त है ही साथ ही बेजुबान पशु व पक्षी भी बर्फीली हवाओं व बारिश के कारण ठंड में सिकुड़ते नजर आ रहे हैं। अधिकतम तापमान 15 डिग्री व न्यूनतम तापमान 6 डिग्री है।
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सर्दी के कारण मजदूर अपना काम छोड़कर घर में एवं दुकानों के बाहर बाजार से लकड़ी खरीद कर व कूड़ा करकट जलाकर ठंड का बचाव कर रहे हैं। दिनों दिन बढ़ रही गलन भरी सर्दी ने लोगों को कांपने के लिए मजबूर कर दिया है!बारिश के चलते बढ़ी ठंड से सुबह लोगों की बिस्तर छोड़ने की हिम्मत नहीं हो रही थी।देर तक लोग बिस्तर पर दुबके रहे, जिन लोगों को काम के लिए जाना था वह सर्दी से बचाव का प्रबंध करके निकले। राहगीरों व गरीबों के लिए अलाव ही सहारा दिखाई दे रहे हैं। धुंध भरा मौसम होने के साथ बारिश व बर्फीली हवा के चलने से सर्दी अधिक महसूस हो रही है। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता का कहना है कि अभी 24 घंटे मौसम में खास परिवर्तन नहीं होगा।
आलू की फसल को लगा तगड़ा झटका…
आलू के दाम हमेशा से ऊंचे रहते हैं। लगातार बारिश ने आलू की फसल को अधिक नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में आलू की पैदावार प्रभावित होगी जिसका सीधा असर उसके दाम पर पड़ेगा। आलू को झुसला रोग लगने लगा है। जिले में 5 हजार हेक्टेयर में आलू की फसल होती है। इस बारिश ने आलू के किसानों के माथे पर पसीना ला दिया है।
