जन्मदिन विशेष : इंडियन क्रिकेट की ‘दीवार’ कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ के नाम हैं ये वर्ल्ड रिकॉर्ड, जानें इनसे जुड़ी खास बातें
Happy Birthday Rahul Dravid: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ मंगलवार यानि आज अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं। पूर्व कप्तान द्रविड़ अपनी अद्भुत बल्लेबाजी के दम पर ‘दीवार’ और ‘मिस्टर भरोसेमंद’ के नाम से मशहूर रहे हैं। आज हम आपको राहुल द्रविड़ के क्रिकेट करियर की शुरुआत से लेकर, नेशनल टीम में …
Happy Birthday Rahul Dravid: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ मंगलवार यानि आज अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं। पूर्व कप्तान द्रविड़ अपनी अद्भुत बल्लेबाजी के दम पर ‘दीवार’ और ‘मिस्टर भरोसेमंद’ के नाम से मशहूर रहे हैं। आज हम आपको राहुल द्रविड़ के क्रिकेट करियर की शुरुआत से लेकर, नेशनल टीम में प्रदर्शन और कोचिंग तक के सफर को बताने जा रहे हैं।

12 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना किया शुरू
राहुल द्रविड़ ने 12 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया। वह कर्नाटक के लिए अंडर 15 क्रिकेट टीम में खेले। इसके बाद अंडर 17 और अंडर 19 टीम में राहुल द्रविड़ शामिल रहे। राहुल द्रविड़ को पहली बार पूर्व क्रिकेटर केकी तारापोरे ने नोटिस किया। चिन्नास्वामी स्टेडियम में राहुल द्रविड़ ने विकेट कीपर बल्लेबाज के तौर पर खेला, उनकी प्रतिभा देखकर पूर्व क्रिकेटर काफी खुश हुए थे। फरवरी 1991 में राहुल द्रविड़ ने रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया। उन्होंने महाराष्ट्र के खिलाफ पहले मैच में 82 रन बनाए। द्रविड़ ने रणजी ट्रॉफी में अपना पहला पूरा सीजन 1991-92 का खेला, जिसमे उन्होंने कुल 380 रन बनाए थे।

राहुल द्रविड़ के नाम ये वर्ल्ड रिकॉर्ड
- राहुल द्रविड़ ने 1996 से 2012 तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेला। अपनी भरोसेमंद बैटिंग की वजह से टीम इंडिया की ‘दीवार’ नाम से फेमस राहुल द्रविड़ ने अपना टेस्ट डेब्यू जून 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ किया था। टेस्ट क्रिकेट में 30000 से अधिक गेंद खेलने वाले राहुल द्रविड़ दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं।
- राहुल द्रविड़ ने अपने टेस्ट करियर में 31258 गेंदों का सामना किया, जो कि रिकॉर्ड है। इतना ही नहीं द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में 286 पारियों में 13288 रन बनाए। इस फॉर्मेट में द्रविड़ ने 63 अर्धशतक और 36 शतक ठोके। राहुल द्रविड़ ने अपने पूरे टेस्ट करियर में 44152 मिनट यानी 735 घंटे और 52 मिनट क्रीज पर बिताए हैं, जो कि एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
- द्रविड़ ने अपना वनडे डेब्यू अप्रैल 1996 में श्रीलंका के खिलाफ किया था। उन्होंने 344 वनडे में 10889 रन बनाए, जबकि 83 अर्धशतक और 12 शतक शामिल है। द्रविड़ दीवार सिर्फ क्रिकेट के 22 गज के एरिया में ही नहीं थे। बल्कि फिल्डिंग में भी थे। गेंद शायद ही इस दीवार से पार जा पाती थी। तभी तो उनके नाम टेस्ट में सबसे ज्यादा 210 कैच पकड़ने वाले गैर-विकेटकीपर खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड दर्ज है। वनडे क्रिकेट के इतिहास में राहुल द्रविड़ पहले ऐसे प्लेयर हैं, जो दो बार 300 प्लस साझेदारियों का हिस्सा रहे हैं।
- राहुल द्रविड़ को पद्म श्री और पद्म भूषण सम्मान मिल चुके हैं। 2018 में वह आईसीसी हाल ऑफ फेम में शामिल किए जाने वाले पांचवें भारतीय क्रिकेटर बने थे। द्रविड़ 2021 में भारतीय टीम के कोच नियुक्त किए गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम के ‘दीवार’ बन गए थे द्रविड़
साल 2001 में कोलकाता के ईडन गार्डन के मैदान पर खेला गया मुकाबला द्रविड़ के जीवन के यादगार पारियों में से एक रहा। राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फॉलोऑन बचाने उतरे और मैदान पर ही जम गए। लक्ष्मण ने 281 और द्रविड़ ने 180 रनों की पारियां खेल भारत की मैच में वापसी कराई। दोनों के बीच 101.4 ओवर में 376 रन की रिकॉर्ड साझेदारी हुई थी। जिस वजह से भारत हारी हुई बाजी को जीत गया। साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में एक बार राहुल और लक्ष्मण की जोड़ी ने कमा किया। लक्ष्मण के 148 और द्रविड़ की 233 रन की पारी ने भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। जहां एक समय टीम हार के करीब दिखाई दे रही थी, वहीं अब जीत उनसे कुछ कदम दूर था। आपको बता दें कि 3 अप्रैल, 1996 को द्रविड़ ने टीम इंडिया के लिए पहला वनडे और इसी साल 20 जून को पहला टेस्ट मैच खेला। फिर यह सफर अनवरत अगले 16 वर्षों तक जारी रहा। उन्होंने मार्च 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।

भारतीय टीम के बने मुख्य कोच
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भारतीय राष्ट्रीय टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को नवंबर 2021 में भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाया गया। सीनियर पुरुष राष्ट्रीय टीम में अपनी नियुक्ति से पहले, द्रविड़ राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में क्रिकेट के प्रमुख और भारत अंडर -19 और भारत ए टीमों के मुख्य कोच थे। उनके संरक्षण में, अंडर -19 टीम 2016 अंडर -19 क्रिकेट विश्व कप में उपविजेता रही और 2018 अंडर -19 क्रिकेट विश्व कप जीता। उन्हें बोलचाल की भाषा में मिस्टर डिपेंडेबल के नाम से जाना जाता है और अक्सर उन्हें द वॉल भी कहा जाता है।

राष्ट्रीय सम्मान
1998- क्रिकेट में उपलब्धियों के लिए अर्जुन पुरस्कार प्राप्तकर्ता
2004 पद्म श्री -भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार
2013 पद्म भूषण – भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार

महाराष्ट्र के ब्राह्मण परिवार में हुआ जन्म
आपको बता दें कि राहुल द्रविड़ का जन्म 11 जनवरी 1973 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बाद में उनका परिवार कर्नाटक के बैंगलोर में शिफ्ट हो गया। राहुल द्रविड़ की मात्र भाषा मराठी है। राहुल द्रविड़ का इंडिया नेशनल टीम में चयन जब हुआ, द्रविड़ एमबीए कर रहे थे। उनको हिंदी इंग्लिश के अलावा कन्नड़ और मराठी भाषा आती है।
