बरेली: कहीं काली थैली में तो कहीं खुलेआम बंटे मोदी-योगी की फोटो वाले पैकेट

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बरेली, अमृत विचार। पूर्ति विभाग द्वारा जनवरी के पहले चक्र का खाद्यान वितरण किया जा रहा है। दिसंबर से मार्च तक सरकार ने गेहूं और चावल के साथ एक-एक किलो चना, नमक और खाद्य तेल देने का ऐलान किया था। जिसके चलते कार्ड धारकों को इन तीनों खाद्य समाग्रियों का भी वितरण कराया जा रहा …

बरेली, अमृत विचार। पूर्ति विभाग द्वारा जनवरी के पहले चक्र का खाद्यान वितरण किया जा रहा है। दिसंबर से मार्च तक सरकार ने गेहूं और चावल के साथ एक-एक किलो चना, नमक और खाद्य तेल देने का ऐलान किया था। जिसके चलते कार्ड धारकों को इन तीनों खाद्य समाग्रियों का भी वितरण कराया जा रहा है। पैकेट बंद खाद्य समाग्रियों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर छपी है। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद इस पर रोक लगा दी गई। तस्वीरों को ढककर खाद्यान वितरण का आदेश संबंधित विभाग के अधिकारियों को मिला तो कोटेदारों ने वितरण शुरू कर दिया। लेकिन कई इलाकों में आचार संहिता को ताक पर रखकर बिना तस्वीर ढके कार्ड धारकों को पैकेटों का वितरण किया गया।

दरअसल पहले चक्र का खाद्यान वितरण 6 जनवरी को शुरू हुआ लेकिन 8 जनवरी को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद वितरण पर रोक लगा दी गई। 15 जनवरी खाद्यान वितरण की अंतिम तिथि है। ऐसे में कार्ड धारकों तक खाद्यान पहुंचाना भी विभाग के लिए जरूरी था। इसलिए सोमवार शाम अधिकारियों की तरफ से निर्देश दिए गए कि तस्वीरों वाले पैकटों को थैले में लपेटकर या उनपर टेप लगाकर वितरित किए जाएं। कोहाड़ापीर, बिहारीपुर, शाहबाद आदि क्षेत्रों में रिएलिटी चेक किया गया तो किसी स्थान पर तो कोटेदारों ने पैकेटों पर टेप लगाए थे तो कई जगह काली थैली या कपड़े के थैले में रखकर तस्वीरों वाले पैकेटों का वितरण हुआ।

मगर कई कोटेदाररों ने आदर्श आचार संहिता का खुलकर माखौल उड़ाया। बिहारीपुर में कई लोग यह पैकेट खुले आम ले जाते दिखे। तस्वीरों को ढकने के लिए कहीं किसी टेप या थैले का इस्तेमाल नहीं किया गया था। इसके अलावा अन्न महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री की तस्वीर छपे थैले पूर्व में वितरित किए गए थे। जिनके अंदर खाद्यान कार्ड धारक खाद्यान लेने पहुंचे। उधर कोटेदार दबी जुबान में कहते नजर आए कि खाद्यान का वितरण तो करना ही है। वहीं पूर्ति विभाग के अधिकारी जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

30 फीसद तस्वीर वाले पैकेट हो रहे वितरित
कोटेदारों को जो पैकेट मिले हैं उनमें किसी के पास चना और नमक के पैकेट बिना फोटो वाले हैं, जबकि रिफाइंड पर तस्वीर बनी हुई है। वहीं कई कोटेदारों के पास नमक के फोटो पर तस्वीर छपे और बाकी बिना तस्वीर वाले पैकेट हैं। उधर पूर्ति विभाग का कहना है कि केवल 30 फीसद फोटो वाले पैकेट हैं। इस बार वितरण के लिए आए हैं बाकि पैकेट बिना फोटो वाले हैं लेकिन समस्या यह है कि अधिकतर कोटेदारों को पास मिले-जुले पैकेट पहुंचे हैं।

कोटेदारों से तस्वीरों को ढककर पैकेटों का वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए वह थैले में या फिर पैकेट पर टेप लगाकर खाद्यान का वितरण कर रहे हैं। अगर कहीं पर लापरवाही बरती गई है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।  –नीरज सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी

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