बरेली: उत्तराखंड पुलिस को एनडीपीएस के बारे में बताएगी बरेली पुलिस
बरेली, अमृत विचार। स्मैक और शराब तस्करी का लेकर बरेली पुलिस को कटघरे में खड़ा करने वाली उत्तराखंड पुलिस अब यहां के अफसरों से तस्करों पर कार्रवाई के तरीके को सीखेगी। कैसे उन्हें घेरना है और सफेमा के तहत उनकी संपत्ति को फ्रीज कराना है। इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग पर बुलाया गया है। बुधवार को …
बरेली, अमृत विचार। स्मैक और शराब तस्करी का लेकर बरेली पुलिस को कटघरे में खड़ा करने वाली उत्तराखंड पुलिस अब यहां के अफसरों से तस्करों पर कार्रवाई के तरीके को सीखेगी। कैसे उन्हें घेरना है और सफेमा के तहत उनकी संपत्ति को फ्रीज कराना है। इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग पर बुलाया गया है।
बुधवार को पुलिस लाइन में बरेली के पुलिस अफसर उत्तराखंड की एसटीएफ और उनके सभी 13 जिलों की पुलिस को स्मैक तस्करों की फाइनेंसियल इंवेस्टिगेशन और एनडीपीएस की कार्रवाई का तौर तरीका बताएंगे। बीते चार महीने में स्मैक और अफीम तस्करों पर बरेली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इसमें पढेरा के शहीद खां उर्फ छोटे प्रधान, फतेगहगंज पश्चिमी के उस्मान, नन्हें लंगड़ा, रिफाकत और कल्लू सभासद जैसे तस्करों को मोटी खेप के साथ गिरफ्तार कर पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया।
साथ ही तीन तस्करों की 68 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर भी कर लिया। इसके बाद भी चुनाव आयोग की बैठक में उत्तराखंड पुलिस ने बरेली पुलिस पर कई सवाल उठाए थे। इसके बाद एनसीबी दिल्ली, लखनऊ के साथ बरेली समेत यूपी और उत्तराखंड के अफसरों की मीटिंग हुई। अब यह तय हुआ है कि उत्तराखंड पुलिस तस्करों की संपत्ति जब्त करने और सफेमा की कार्रवाई के बारे में बरेली पुलिस से गुर सीखेगी।
पुलिस लाइन में उत्तराखंड के कुछ पुलिस अफसर आएंगे। वहां पर उन्हें कुछ कानूनों के बारे में बताया जाएगा। कुछ जिले के अफसर वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के माध्यम से भी जुड़ेंगे। –रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
