बरेली: आईजी-एसएसपी ने उत्तराखंड पुलिस को बताए कार्रवाई के गुर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। स्मैक तस्करों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करने के बाद चर्चा में आई बरेली पुलिस ने उत्तराखंड की पुलिस और एटीएस को तस्करों के खिलाफ लगने वाले ऐसे कानूनों को बताया जो बरेली पुलिस ने पहली बार इस्तेमाल किए। इसके साथ ही तस्करी पर लगाम लगाने के लिए कई अन्य अनुभवों को भी …

बरेली, अमृत विचार। स्मैक तस्करों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करने के बाद चर्चा में आई बरेली पुलिस ने उत्तराखंड की पुलिस और एटीएस को तस्करों के खिलाफ लगने वाले ऐसे कानूनों को बताया जो बरेली पुलिस ने पहली बार इस्तेमाल किए। इसके साथ ही तस्करी पर लगाम लगाने के लिए कई अन्य अनुभवों को भी साझा किया गया। इस दौरान आईजी रमित शर्मा, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी रविंद्र सिंह व एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल मौजूद रहे।

बुधवार को पुलिस लाइन में आईजी रेंज रमित शर्मा के नेतृत्व में उत्तराखंड की पुलिस टीम को यहां के अफसरों ने एनडीपीएस एक्ट की बारीकियों को साझा किया। ट्रेनिंग सेशन के दौरान एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने बरेली में स्मैक तस्करों के विरुद्ध की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। जिसमें पीपीटी के जरिए तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में गहनता से समझाया गया। वहीं तस्करों की संपत्ति के जब्त करने के साथ ही संपत्ति को ध्वस्त करने व चिन्हित करने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।

एसपी देहात ने इस दौरान पिट एनडीपीएस के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि पुलिस किस तरह एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर तस्करों पर शिकंजा कस सकती है। वहीं उत्तराखंड से आये अफसरों व पुलिस कर्मियों को बताया गया कि एनडीपीएस एक्ट में विवेचक व इंस्पेक्टर को अपने स्तर से ही तस्कर की संपत्ति फ्रीज करने का अधिकार है। इसके अलावा सफेमा के बारे में भी अफसरों व अन्य पुलिस कर्मियों को जानकारी दी गई। इस मौके पर एसपी ट्रैफिक राम मोहन सिंह, एसपी क्राइम मुकेश प्रताप सिंह के साथ शाहजहांपुर, पीलीभीत एवं बदायूं के एक-एक सीओ समेत उक्त जनपदों के पांच पांच विवेचक ने भी प्रतिभाग किया। ट्रेनिंग में उत्तराखंड के दो सीओ के साथ ही 10 इंस्पेक्टर व अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

संबंधित समाचार