झांसी: कोरोना मरीजों के बाहर घूमने पर दर्ज होगी प्राथमिकी

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झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में बहुत तेजी से बढ़ रहीं कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन हर संभव उपाय कर रहा है और नियमों के पालन को लेकर प्रशासन का रूख काफी सख्त हो गया है। इसी क्रम में होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के बाहर घूमता पाये …

झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में बहुत तेजी से बढ़ रहीं कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन हर संभव उपाय कर रहा है और नियमों के पालन को लेकर प्रशासन का रूख काफी सख्त हो गया है। इसी क्रम में होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के बाहर घूमता पाये जाने पर महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं।

जनपद के नोडल अधिकारी अपर मुख्य सचिव श्रम एवं सेवायोजन,नियोजन कार्यक्रम कार्यान्वयन,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग उत्तर प्रदेश शासन सुरेश चंद्रा की अध्यक्षता एवं ज़िलाधिकारी झांसी की उपस्थिति में जनपद में कोविड-19 के नियंत्रण एवं उसके प्रभावी बचाव हेतु महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन हुआ।

बैठक में कोविड-19 की तीसरी लहर से निपटने के लिए की जा रही विशेष तैयारियां की समीक्षा करते हुए श्री चंद्रा ने कहा कि संक्रमित लोगों का घर पर ही सफलतापूर्वक उपचार हो, उन्होंने निर्देश दिए कि होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमितों की घर में ही रहने की स्थिति को सुनिश्चित किया जाए।

इसके लिए मरीजों का टीम द्वारा मौके पर सत्यापन किया जाए और यदि मरीज होम आइसोलेशन में ना होकर अन्य स्थानों पर घूम रहे हैं और दूसरों में संक्रमण फैला रहे हैं तो उनके विरुद्ध महामारी अधिनियम,आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 अथवा भारतीय दंड संहिता की धारा 188के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की जाएं। उन्होंने प्रतिदिन होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की सूची संबंधित थानों को भी उपलब्ध कराने के निर्देश इस आशय से दिए कि थाने स्तर पर भी होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों का सत्यापन सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सावधानी और सतर्कता कोरोना से बचने के सबसे बड़े उपाय और उपचार हैं। यद्यपि कोरोना की तीसरी लहर खतरनाक नहीं है फिर भी हम सभी को कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन करना होगा। भीड़भाड़ के इलाकों तथा सार्वजनिक स्थलों व पार्को में जाने से बचें। सभी लोग मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। बुजुर्गों, कमजोर व्यक्तियों, बीमार व्यक्तियों, बच्चों को संक्रमण से बचाना होगा। शासन-प्रशासन, हेल्थ वर्कर, कोरोना वॉरियर्स सभी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। रैपिड रिस्पॉन्स टीम द्वारा टेस्टिंग कार्य सक्रिय रूप से करें।

बैठक में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी लोग कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ अवश्य लें, वैक्सीन निःशुल्क लगायी जा रही है और 15 से 17 वर्ष के सभी किशोरों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है। स्कूलों और कॉलेजों में अध्यापकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति तय करते हुए क्लासवार बच्चों को बुलाकर वैक्सीनेशन कराया जाए। सबसे पहले शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन कराने वाले स्कूल को सम्मानित किया जाएगा।

समस्त संक्रमित व्यक्तियों से स्वास्थ्य के बारे में पूछने, आवश्यक मदद पहुंचाने के साथ ही डेली मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।
जनपद में सबसे ज्यादा 95 फीसदी संक्रमण नगर क्षेत्र में है, कई क्षेत्रों में वैक्सीनेशन शून्य है अतः सब सेंटर, सीएचसी,पीएचसी स्तर पर वैक्सीनेशन की समीक्षा करते हुए वैक्सीनेशन में तेजी लाई जाए। आईसीसीसी के माध्यम से लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, क्योंकि वैक्सीन, कोरोना से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। जितना अधिक वैक्सीनेशन होगा, कोरोना का प्रभाव उतना ही कम होगा।

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