बरेली: क्राइम ब्रांच भी नहीं खोल सकी सर्राफ हत्याकांड का राज, फिर जांच शुरू

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बरेली, अमृत विचार। तीन साल बाद भी पुलिस सर्राफ कमल किशोर हत्याकांड का खुलासा नहीं कर पाई है। हत्याकांड के बाद तीन थानेदारों की बदली हुई। हर किसी ने अपने तरीके से जांच की लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा। एसओजी भी मामले में कोई सुराग नहीं ढूंढ सकी है। अब सुभाषनगर इंस्पेक्टर ने दोबारा …

बरेली, अमृत विचार। तीन साल बाद भी पुलिस सर्राफ कमल किशोर हत्याकांड का खुलासा नहीं कर पाई है। हत्याकांड के बाद तीन थानेदारों की बदली हुई। हर किसी ने अपने तरीके से जांच की लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा। एसओजी भी मामले में कोई सुराग नहीं ढूंढ सकी है। अब सुभाषनगर इंस्पेक्टर ने दोबारा से मामले की जांच शुरू की है।

सुभाषनगर के वाले सर्राफ कमल किशोर वर्मा की 6 फरवरी 2019 की शाम लुटेरे ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच पुलिस व एसओजी को सौंपी गई थी। सुभाषनगर पुलिस के अलावा कई थानों की पुलिस को भी जांच में लगाया गया था। वहीं हत्या के कुछ दिनों बाद ही तत्कालीन एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय को एक गुमनाम पत्र भी मिला था लेकिन पत्र में लिखे पते पर छापामारी की गई तो वहां से भी पुलिस को खाली हाथ ही लौटना पड़ा था। पुलिस टीम के साथ-साथ एसओजी टीम भी बदल गई लेकिन जांच वहीं की वहीं अटकी रह गई। पिछले करीब तीन सालों से पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।

हत्या के बाद से सुभाषनगर के तीन थानेदार बदले सभी ने अपने-अपने तरीके से जांच शुरू की लेकिन असफल रहे। यहां तक की क्राइम ब्रांच भी मामले का खुलासा नहीं कर सकी। साल 2021 में एसएसपी रोहित सिंह सजवाण द्वारा नई एसओजी टीम का गठन किया गया था। मामले की जांच नई एसओजी टीम को सौंपी गई। एसओजी ने बरेली से लेकर भोपाल तक उन सभी गैंग का पता लगाया जो इस तरह की वारदात को अंजाम दे सकते थे। साथ ही कुछ गैंग के जेल में बंद अपराधियों से भी एसओजी ने पूछताछ की थी। इसके बावजूद भी पुलिस के हाथ खाली ही रहे। शुरूआत में किसी करीबी के हत्या में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन जब सीडीआर निकलवाई गई तो पुलिस का वह भ्रम भी दूर हो गया।

पुलिस लूट व हत्या के बीच में ही उलझी रही। पुलिस ने 25 हजार का ईनाम भी घोषित कर दिया लेकिन फिर भी कोई फायदा नहीं हुआ। बीते तीन सालों में पुलिस व खुफिया तंत्र सर्राफ हत्याकांड का राजफाश करने में नाकायम रहे हैं। सर्राफ के परिजन भी अब उम्मीद हार चुके हैं। वहीं वर्तमान सुभाषनगर इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह भड़ाना ने एक बार फिर जांच शुरू की है। देखना है कि अब मामले में सुभाषनगर पुलिस कहां तक पहुंचती है।

वर्जन–
मामले की जांच नए सिरे से की जा रही है। अभी तक कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लग पाए हैं। पुलिस साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है- सत्येंद्र सिंह भड़ाना, इंस्पेक्टर, सुभाषनगर

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