बहराइच: 90 वर्षीय वृद्धा को अज्ञात लोगों ने छोड़ा, रोता-बिलखता देख इन्होंने अपनाया…

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बहराइच। तीन वर्ष पूर्व एक वृद्धा को अज्ञात लोग छोड़कर चले गए। वृद्धा को रोता देख साइकिल मिस्त्री ने मां मानते हुए अपना लिया। वह प्रतिदिन वृद्ध को खाना के साथ कपड़ा भी मुहैया करा रहा है, लेकिन खुद उसे कोटे की दुकान से कोई लाभ नहीं मिल रहा है। वृद्धा को रोज खाना और …

बहराइच। तीन वर्ष पूर्व एक वृद्धा को अज्ञात लोग छोड़कर चले गए। वृद्धा को रोता देख साइकिल मिस्त्री ने मां मानते हुए अपना लिया। वह प्रतिदिन वृद्ध को खाना के साथ कपड़ा भी मुहैया करा रहा है, लेकिन खुद उसे कोटे की दुकान से कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

वृद्धा को रोज खाना और कपड़ा पहुंचाते हैं राजेंद्र

बहराइच जिले के मिहीपुरवा विकास खंड क्षेत्र के माधवापुर गांव निवासी राजेंद्र पुत्र राम वृक्ष साइकिल बनाने का काम करते हैं। परिवार में पांच लोग है। मैकेनिक पेशे से उन्हें जो भी पैसा मिलता है, उससे राजेंद्र के घर का काम चलता है। कोतवाली मुर्तिहा क्षेत्र के गंगापुर सब्जी मंडी पर तीन वर्ष पूर्व अज्ञात लोगों ने 90 वर्षीय वृद्धा छोड़ दिया। इसके बाद सभी चले गए। वृद्ध रो रही थी। वहीं उसी दौरान राजेंद्र साइकिल से निकल रहे थे, उन्होंने वृद्धा को रोता देखा तो हालचाल लिया। लेकिन वृद्धा रोने के अलावा कुछ नहीं बता पाईं।

इस पर राजेंद्र ने वृद्धा को अपना मानते हुए उनकी सेवा शुरू कर दी। प्रतिदिन राजेंद्र वृद्धा को सुबह और शाम खाना देते हैं। साथ ही वृद्धी को कपड़े आदि की व्यवस्था भी करते हैं।

नहीं मिल रहा खाद्यान्न

मधवापुर गांव निवासी राजेंद्र ने बताया कि साइकिल बनाने के काम में जो पैसा मिलता है उसी से वो परिवार का खर्च चलाते हैं। कई बार प्रयास के बाद भी उनका सूची में नाम नही शामिल हुआ, जिसकी वजह से उन्हें खाद्यान्न भी नहीं मिल रहा है। बता दें कि मधवापुर गांव से गंगापुर गांव की दूरी करीब चार किलोमीटर है। यहां पर प्रतिदिन राजेंद्र साइकिल से दूरी तय करके बूढ़ी महिला को गंगापुर में खाना पहुंचाने जाते हैं। उनके काम की पूरे क्षेत्र में बहुत प्रशंसा हो रही है।

ये भी पढ़ें: अयोध्या: छप्पर में लगी आग, गृहस्थी का सामान जलकर राख

संबंधित समाचार