मुरादाबाद : कोविड संक्रमण से तीन मौतों के बाद भी नहीं चेत रहे लोग
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले में चार हजार से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज मिलने और तीन की मौतों के बाद भी लोग चेत नहीं रहे हैं। संक्रमण के बढ़ते दायरे के बाद भी न तो आमजन कोविड नियमों के पालन को गंभीर हैं और न ही सरकारी विभागों के जिम्मेदार नियमों के प्रति सख्त हो रहे …
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले में चार हजार से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज मिलने और तीन की मौतों के बाद भी लोग चेत नहीं रहे हैं। संक्रमण के बढ़ते दायरे के बाद भी न तो आमजन कोविड नियमों के पालन को गंभीर हैं और न ही सरकारी विभागों के जिम्मेदार नियमों के प्रति सख्त हो रहे हैं।
जिले में एक महीने से कोरोना का कहर जारी है। हर दिन सैकड़ों नये मरीज जांच में सामने आ रहे हैं। बावजूद इसके न तो आमजन गंभीर हैं और तंत्र इसके प्रति सख्त। सरकारी कार्यालयों में जिलाधिकारी के आदेश के डेढ़ महीने बाद भी कोविड हेल्प डेस्क स्थापित नहीं हुई। कागज में फरमान जारी करने के बाद भी जिलाधिकारी ने विभागों की हकीकत की जांच नहीं कराई। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, जिला अस्पताल में कोविड हेल्प डेस्क है तो रस्म अदायगी के लिए।
यहां न तो आने जाने वालों की थर्मल स्कैनिंग हो रही है और न ही मास्क को लेकर सख्ती। हर कोई बेखौफ है। यही हाल बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर भी है। अधिकांश खुले चेहरे कोविड नियमों के पालन की गंभीरता खुद बयां कर रहे हैं। दूसरी लहर में कोविड नियम तोड़ने वालों के मुकदमों की वापसी से भी लोग इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। उन्हें पता है कि यदि चालान कटेगा भी तो बाद में तो वापस हो ही जाएगा।
कोरोना टीकाकरण में प्रशासनिक अधिकारियों की सख्ती का भी उम्मीद के मुताबिक असर नहीं दिख रहा है। जिससे संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। गंभीर मरीजों को देखे तों एमसीएच विंग के 100 बेड के कोविड अस्पताल में भर्ती 18 संक्रमितों में 13 ने कोरोना टीकाकरण नहीं कराया है।
केवल तीन को दोनों डोज लगी है तो दो ने केवल एक डोज का टीका लगवाया है। हालांकि चुनाव आयोग ने मतदान के तारीख से दस दिन पहले कम से कम प्रथम डोज का टीकाकरण सौ फीसदी अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश दिया है। लेकिन मुरादाबाद में अभी 18 वर्ष के ऊपर आयु वालों को 85 फीसदी ही पहले डोज का टीका लगा है।
