रायबरेली: चुनाव प्रचार में रोक के बाद भी हो रहा आचार संहिता का उल्लंघन
रायबरेली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगी हुई है लेकिन जनपद में राजनीतिक पार्टियों ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने में लगी हुई है। चुनाव आयोग ने कोरोना महामारी को देखते हुए जनसभा, नुक्कड़ सभा और तमाम भीड़ भाड़ एकत्र करने वाले राजनैतिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। जिसको लेकर …
रायबरेली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगी हुई है लेकिन जनपद में राजनीतिक पार्टियों ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने में लगी हुई है।
चुनाव आयोग ने कोरोना महामारी को देखते हुए जनसभा, नुक्कड़ सभा और तमाम भीड़ भाड़ एकत्र करने वाले राजनैतिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। जिसको लेकर अब प्रत्याशी अपने-अपने तिकड़म से प्रचार-प्रसार करने में लग गए हैं । प्रत्याशियों का हाल है यह हो गया है कि उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन करने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।
बछरावां से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में अपना प्रचार प्रसार कर रहे हैं सुशील पासी का वाहनों पर लगा पोस्टर देखा जा सकता है। जो कि सड़कों पर बेधड़क घूम रहा है। जिससे क्षेत्र की जनता भी प्रभावित हो रही है साथ ही साथ चुनाव आयोग के निष्पक्ष चुनाव कराने की मंशा पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह तो उस दल के प्रत्याशी की बात है जो विपक्ष में है। लेकिन सत्ताधारी दल भाजपा के भी उम्मीदवार पद के दावेदार पीछे नहीं हैं।
सदर विधानसभा 180 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में दावेदारी करने वाली अदिति सिंह के समर्थको की लग्जरी वाहनों पर पोस्टर चपके देखे जा सकते हैं। इन दोनों मामलों में क्षेत्र की जनता का कहना है कि जब विपक्ष के नेता बैनर पोस्टर लगाकर वाहनों को सड़कों पर दौडा सकते हैं। तो सदर विधायक तो सत्ताधारी दल की है।
उनके वाहनों में इस तरह के पोस्टर लगे होना आम बात है और यदि सत्ता में रहने पर भी विपक्ष के नेताओं को टक्कर ना दे सके तो फिर सत्ता की हनक कहां से दिखाई देगी। वहीं नेता लगातार आचार संहिता का उल्लंघन करते दिखाई देते हैं और चुनाव आयोग केवल नोटिस तक ही सीमित रह जाता है।यही वजह है कि चुनाव आयोग की गाइडलाइन की लगातार जिले में धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
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