टीईटी परीक्षा में अव्यवस्था के लिए डीएम, बीएसस व केंद्र प्रभारी होंगे जिम्मेदार : मुख्यमंत्री योगी

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की शुचिता को देखते हुए सुरक्षा सभी आवश्यक बंदोबस्त किए जायें। पर्चा लीक जैसी घटना कतई स्वीकार्य नहीं होगी। संदिग्ध व अराजक तत्वों पर नजर रखी जाये। किसी अव्यवस्था अथवा अप्रिय घटना के लिए संबंधित जिलाधिकारी, बीएसए, परीक्षा केंद्र प्रभारी, सभी की जिम्मेदारी तय …

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की शुचिता को देखते हुए सुरक्षा सभी आवश्यक बंदोबस्त किए जायें। पर्चा लीक जैसी घटना कतई स्वीकार्य नहीं होगी। संदिग्ध व अराजक तत्वों पर नजर रखी जाये। किसी अव्यवस्था अथवा अप्रिय घटना के लिए संबंधित जिलाधिकारी, बीएसए, परीक्षा केंद्र प्रभारी, सभी की जिम्मेदारी तय होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को टीम-9 की बैठक में कहा कि 23 जनवरी को प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य बनाई जाये, ताकि कोई उसे तोड़ न सके। मेधावियों के लिए जरूरी है कि साफ सुथरी परीक्षा आयोजित हो। परीक्षा में गड़बड़ी कड़ी मेहनत करने वाले युवाओं के साथ धोखा है। इसलिए शासन से लेकर स्थानीय प्रशान तक जिम्मेदार अधिकारी इस पर कड़ी नजर रखें। कोई भी लापरवाही बर्दास्त नहीं की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 जनवरी को प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा के व्यवस्थित आयोजन के लिए सभी तैयारियों की परख कर ली जाए। अगर कोई कोविड पॉजिटिव अभ्यर्थी परीक्षा देना चाहता है तो उसके लिए अलग से कक्ष की व्यवस्था दी जाये। हर केंद्र पर एक कोविड केयर सेंटर स्थापित किया जाये।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक कोविड टीके की 24 करोड़ से अधिक डोज लगाई जा चुकी है, साथ ही नौ करोड़ 72 लाख से अधिक सैम्पल की जांच भी हो चुकी है। यह देश के किसी एक राज्य में हुआ सर्वाधिक टेस्टिंग-टीकाकरण है। उन्होेंने कहा कि अब हम औसतन 25 लाख लोगों को हर दिन टीकाकवर दे रहे हैं, इस क्षमता को बढ़ाकर 30 लाख दैनिक किया जाये। टीकाकरण में धीमी गति वाले जिलों से संवाद बनायें। यहां विशेष प्रयास किए जाने की जरूरत है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि मुफ्त खाद्यान्न वितरण का कार्य सुचारु रखा जाये। एक भी पात्र राशन से वंचित न रहे। रैन बसेरों में मुसाफिरों, निराश्रितों की सुविधाओं, जरूरतों का ख्याल रखें। गौ-आश्रय स्थलों पर ठंड से बचने के लिए अलाव और चारे आदि की उपलब्धता रहे।

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