मुरादाबाद : साइबर सेल ने वापस कराए ऑनलाइन ठगी के 72,987 रुपये, बचाव के प्रति किया जागरूक
मुरादाबाद, अमृत विचार। साइबर सेल ने ऑनलाइन ठगी के 72 हजार नौ सौ 87 रुपये वापस करा दिए। साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से चार लोगों को चूना लगाया था। साइबर ठगों ने रिश्तेदारी व जानपहचान का हवाला देकर मझोला थानाक्षेत्र की बैंक कालोनी निवासी सुरजीत सिंह को अपने जाल में फंसा लिया। साइबर ठग …
मुरादाबाद, अमृत विचार। साइबर सेल ने ऑनलाइन ठगी के 72 हजार नौ सौ 87 रुपये वापस करा दिए। साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से चार लोगों को चूना लगाया था।
साइबर ठगों ने रिश्तेदारी व जानपहचान का हवाला देकर मझोला थानाक्षेत्र की बैंक कालोनी निवासी सुरजीत सिंह को अपने जाल में फंसा लिया। साइबर ठग ने एटीएम कार्ड नंबर और सीवीवी की जानकारी करके दो बार में पंजाब नेशनल बैंक के खाते से 40 हजार आठ सौ रुपये ठग लिए। साइबर सेल ने उनकी पूरी रकम वापस करा दी।
डिलारी थानाक्षेत्र के गांव डिलारा रायपुर निवासी ज्ञान सिंह ने जोमेटो से जैकेट मंगाया था। ज्ञान सिंह अपने गांव का पता बदलवाना चाहते थे। उन्होंने गूगल से आनलाइन नंबर सर्च कर अज्ञात व्यक्ति से बात की। उसके कहने पर एनी डेस्क एप्लीकेशन इंस्टाल कर दिया। इसके बाद दो बार में उनके खाते से छह हजार सात सौ 65 रुपये ठग लिए। साइबर सेल ने इसमें से पांच हजार चार सौ 46 रुपये वापस करा दिए।
जान पहचान का हवाला देकर गलशहीद थानाक्षेत्र के एचएसवी इंटर कालेज ईदगाह रोड निवासी मोहम्मद आमिर से साइबर ठगों ने कुछ रुपये अपने खाते में स्थानांतरण की बात कहते हुए अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद एक्सिस बैंक के खाते से यूपीआई पिन डलवा कर फोनपे के माध्यम से एक ही बार में 20 हजार रुपये ठग लिए। साइबर सेल ने उनकी पूरी रकम वापस करा दी।
सिम एक्टिवेट करने का मौसेज भेजकर 24वीं बटालियन पीएसपी निवासी अजय ने अज्ञात के कहने पर एनी डेस्क एप्लीकेशन इंस्टॉल कर लिया। इसके बाद उनके खाते से एक बार में छह हजार सात सौ 41 रुपये ठग लिए। शिकायत मिलने पर सक्रिय हुई साइबर सेल ने उनकी पूरी रकम वापस करा दी है।
साइबर क्राइम से ऐसे करें बचाव
1- साइबर अपराधी आपकी निजी जानकारी इक्ट्ठा करते है और इसका उपयोग इंटरनेट पर आपकी झूठी पहचान बनाने में उपयोग कर सकते है। किसी भी सार्वजनिक साइट, ब्लॉग या सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी कभी भी साझा/शेयर न करें। जैसे कि आपकी सरकारी आईडी, पासवर्ड, बैंक खाता नम्बर, पिन इत्यादी।
2–ईमेल, मैसेजिंग ऐप या इन्सटैंट मैसेंजर पर प्राप्त लिंक्स पर क्लिक करने से पहले सावधान रहें और यदि आप उनकी सत्यता पर विश्वास नही करते, तो हमेशा भेजने वाले या उनकी आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें। जैसे कि बैंक, दूरसंचार ऑपरेटर, बीमा कंपनी आदि।
3–अपने पासवर्ड को जटिल रखें ( अर्थात अक्षरों – जैसे a, b, c, संख्याओं। जैसे 1, 2, 3 और विशेष अक्षरों – जैसे @, #, % को मिलाकर पासवर्ड बनाये) और उसे किसी के साथ साझा न करें। विभिन्न साइटों/ऐप्स के लिए अलग-अलग पासवर्ड का प्रयोग करें।
4–वेब पेज पर अपनी जानकारी दर्ज करने से पहले, वेबसाइट के लिंक की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि वेब पता https (“s” से सुरक्षित) से शुरु होता है और एक बन्द ताले के निशान को भी देखें।
5–ऑनलाइन बैंकिंग या ऑनाइन लेनदेन करने के लिए कभी भी सार्वजनिक/ मुफ्त वाईफाई का उपयोग न करें।
6–साइबर अपराध होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। 24 से 48 घंटे के अंतराल में आपके धन को वापस कराने की अधिक संभावना रहती है।
7-सिम ब्लाक/एक्सपायर का संदेश प्राप्त होने पर दिये गये नम्बरों पर वार्तालाप न करें।
8-फोन पर कैश रिवार्ड को अपने खाता में लेने के नाम पर अज्ञात व्यक्ति के बताये हुये नियमों का पालन न करें।
9-ओएलएक्स पर कोई भी वाहन/सामान खरीदने वाले व्यक्ति को बेंचने वाले व्यक्ति द्वारा यदि अपना कोई सरकारी आई-कार्ड/कैंटीन कार्ड डाला गया है तो उसे चेक कराने के बाद ही लेन-देन करें।
10-अधिक सहायता हेतु प्रभारी थाना साइबर क्राइम मो0न0 7839876646 एवं साइबर सेल मो0नं0 9454401742 पर सम्पर्क करें।
