बाराबंकी: तीन पूर्व मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में फेरबदल कर सकती है समाजवादी पार्टी

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बाराबंकी। समाजवादी पार्टी अपने तीन पूर्व मंत्रियों के क्षेत्रों में फेरबदल करने जा रहा है। सूत्रों और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को यदि सच माना जाए तो यह फैसला हो चुका है। इसकी मात्र औपचारिक घोषणा बाकी है। फैसले का क्रियान्वयन हुआ तो चौथे पूर्व मंत्री राजा राजीव कुमार सिंह को बड़ा झटका …

बाराबंकी। समाजवादी पार्टी अपने तीन पूर्व मंत्रियों के क्षेत्रों में फेरबदल करने जा रहा है। सूत्रों और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को यदि सच माना जाए तो यह फैसला हो चुका है। इसकी मात्र औपचारिक घोषणा बाकी है। फैसले का क्रियान्वयन हुआ तो चौथे पूर्व मंत्री राजा राजीव कुमार सिंह को बड़ा झटका लगने वाला है।

समाजवादी पार्टी के लोग मानते हैं कि यह फैसला हो चुका है। बातचीत हुई है औपचारिक घोषणा मात्र बाकी है। जो फैसला होने वाला है उसमें रामनगर विधानसभा क्षेत्र से ही चुनाव लड़ने पर अड़े पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप अब दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं। जबकि बेनी प्रसाद वर्मा के पुत्र पूर्व मंत्री राकेश वर्मा कुर्सी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे? कुर्सी विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे पूर्व मंत्री फरीद महफूज किदवई रामनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं ?

राजा राजीव कुमार सिंह इस बार अपने बेटे अनिमेष प्रताप सिंह राहुल के लिए टिकट मांग रहे थे। संभावना जताई जा रही है कि टिकट न मिलने की स्थिति में राजीव कुमार सिंह किसी दूसरी पार्टी में जा सकते हैं या फिर निर्दल चुनाव लड़ सकते हैं।सोशल मीडिया पर राजा के समर्थकों की नाराजगी जमकर वायरल हो रही है। ऐसी स्थिति में भी सपा की मुसीबत बढ़ने वाली है।

पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप 2012 में रामनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते थे। वे 2017 में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शरद अवस्थी से चुनाव हार गए। 2017 में भी बेनी प्रसाद वर्मा रामनगर से ही अपने बेटे राकेश वर्मा को चुनाव लड़ाने पर खड़े थे। लेकिन अखिलेश यादव ने उनकी बात नहीं मानी और टिकट गोप को ही दिया।

इस बार भी रामनगर विधानसभा क्षेत्र से न केवल दोनों टिकट मांग रहे थे बल्कि एक ही विधानसभा क्षेत्र में दोनों अपने आप को सपा का उम्मीदवार बताकर प्रचार भी कर रहे थे। इस स्थिति से कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अरविंद सिंह गोप के करीबी सूत्रों का कहना है कि अभी फिलहाल सिर्फ बातचीत हुई है सही स्थिति तब सामने आएगी जब घोषणा होगी।

फरीद महफूज किदवई बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार के रूप में रामनगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह मायावती सरकार में मंत्री भी रहे। इसलिए रामनगर विधानसभा क्षेत्र उनके लिए मुफीद माना जा रहा है। जहां तक दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र की बात है।

पार्टी नेतृत्व ने अभी तक इस विधानसभा क्षेत्र से अरविंद कुमार सिंह गोप को लड़ाने की अधिकृत घोषणा नहीं की है। अरविंद कुमार सिंह गोप यदि इस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ते हैं तो उनके समक्ष समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के साथ-साथ राजा से रूठी प्रजा को मनाने की भी चुनौती होगी।

पूर्व मंत्री राकेश वर्मा को कुर्सी विधानसभा क्षेत्र का रास्ता दिखाया गया है। कुर्सी विधानसभा क्षेत्र पिछड़ी जाति बाहुल्य है। राकेश की मुसीबत यह है कि इस विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान विधायक भाजपा के साकेंद्र वर्मा ही हैं। ऐसी स्थिति में कुर्मी मतदाताओं को अपने पाले में करना राकेश वर्मा के लिए बड़ी चुनौती होगी।

समाजवादी पार्टी नेतृत्व जो फैसला करने वाला है वह अब सोशल मीडिया पर चर्चाएं आम है। लेकिन इस पर विपक्ष तो दूर समाजवादी ही विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। यदि यह फैसला हुआ तो सबसे अधिक फायदा फरीद महफूज किदवई होगा जबकि राकेश वर्मा और अरविंद सिंह गोप के लिए चुनौती बढ़ेगी। समाजवादी पार्टी के लोग कहते हैं कि थोड़ा इंतजार करिए घोषणा हो जाने दीजिए।

नेताओं के आवास पर समर्थकों का जमावड़ा

चुनाव क्षेत्र बदले जाने की संभावना की खबरों के बीच पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप के आवास पर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा है। दरियाबाद में राजा राजीव कुमार सिंह के आवास पर भी उनके समर्थक जुट रहे हैं। पूर्व मंत्री राकेश वर्मा और फरीद महफूज किदवई के आवास पर भी कार्यकर्ताओं का जमावड़ा होने लगा है। चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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