बरेली: गोशाला में दो गायों की तड़पकर मौत, कई बीमार
मीरगंज, अमृत विचार। चुनावी समर में पूरा प्रशासनिक अमला तैयारियों को लेकर व्यस्त है। वहीं, गोशालाओं में रहने वाले गोवंश की सुध सबने भुला दी। यही वजह है कि गोशालाओं में गोवंश के खान पान से लेकर उनके रख रखाव को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। चारे के नाम पर सूखा भूसा खिलाया जा …
मीरगंज, अमृत विचार। चुनावी समर में पूरा प्रशासनिक अमला तैयारियों को लेकर व्यस्त है। वहीं, गोशालाओं में रहने वाले गोवंश की सुध सबने भुला दी। यही वजह है कि गोशालाओं में गोवंश के खान पान से लेकर उनके रख रखाव को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। चारे के नाम पर सूखा भूसा खिलाया जा रहा है। ठंड से बचाव के भी कोई ठोस इंतजाम नहीं है। जिस कारण मीरगंज स्थित गौशाला में बीती रात दो गोवंश की मौत हो गई। जबकि कई गोवंश अब भी बीमार है। लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई सुध नहीं ली है।
जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर पंचायत की टीम ने दो दिन पहले नगर में घूमने वाले गायों, बछिया व छोटे बछड़ों को पकड़ा था। नगर पंचायत द्वारा रेलवे लाइन के पास1.67 करोड़ की लागत से बनाए गए गोशाला में इनको रखा गया था। बीडीओ के निर्देश पर नगर पंचायत की टीम ग्राम पंचायत अधिकारियों के साथ चुरई दलपतपुर, नंदगांव, कपूरपुर, समसपुर आदि गांवों में आवारा घूम रहे गौवंश को आए दिन पकड़ कर गौशाला पहुंच रही है।। फतेहगंज पश्चिमी व कुरतरा गांव से भी गत दो दिनों से पशु मीरगंज की गौशाला में पहुंचाए जा रहे हैं।
दो दिन में गौशाला में लगभग 65 पशु पहुंचे हैं। लेकिन लापरवाह बना नगर पंचायत प्रशासन ने गायों के खानपान और ठंड से बचाव को कोई खास व्यवस्था नहीं की है। गौवंश गौशाला में टीनशेड के नीचे खुले में बंधे हैं। चारों तरफ से ठंडी हवा से गौवंश तड़प रहे हैं। बुधवार की रात में दो गौवंश की मौत होने की जानकारी पर जब गांव वालों को पता चला तो उन्होंने नाराजगी जताई। बताया जाता है कि कई और गोवंश भी जिंदगी और मौत के बीच तड़प-तड़पकर जूझ रहे हैं।
हरा चारा की व्यवस्था नहीं है तो वहीं सूखा भूसा खिलाया जा रहा। इतना ही नहीं पानी के लिए भी कोई खास इंतजाम नहीं किए गए हैं।इस संबंध में अधिशासी अधिकारी से संपर्क करना चाहा तो उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।
