मुरादाबाद : एक फरवरी को आएगा आम बजट, राहत की राह देख रहीं महिलाएं

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना काल में हर व्यक्ति परेशान है। महंगाई अलग से हर वर्ग के लोगों को रुला रही है। एक फरवरी को आने वाले आम बजट से महिलाओं ने काफी उम्मीद लगा रखीं हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को देश का आम बजट प्रस्तुत करेंगी। यह उनका चौथा बजट होगा। …

मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना काल में हर व्यक्ति परेशान है। महंगाई अलग से हर वर्ग के लोगों को रुला रही है। एक फरवरी को आने वाले आम बजट से महिलाओं ने काफी उम्मीद लगा रखीं हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को देश का आम बजट प्रस्तुत करेंगी। यह उनका चौथा बजट होगा। पिछले दो वर्ष में कोरोना व लॉकडाउन के कारण लोगों का स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ा है, ऐसे में महिलाएं को उम्मीद है कि महिला होने के नाते वित्त मंत्री बढ़ती महंगाई और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बजट पेश करेंगी।

बजट पर महिलाओं की राय
प्राची गुप्ता ने कहा कि बजट में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए ख्याल रखा जाना चाहिए। ताकि प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर नियंत्रण हो सकें। डीजल और पेट्रोल सस्ता हो। बेरोजगारों को रोजगार मिले ताकि आर्थिक तंगी के दौर में लोगों को राहत मिल सके।

शोभा कहाती हैं कि सरकार को इस तरह के कदम उठाने चाहिए जिससे रसोई के खर्चे में कमी हो। दिन प्रतिदिन महंगाई बढ़ती जा रही है। रसोई गैस लगातार महंगी हो रही है, ऐसे में घर चलाना काफी मुश्किल होता जा रहा है। कोरोना महामारी के चलते पहले ही लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे है

रेनू शर्मा का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए आम बजट में पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए। महिलाओं और युवतियों को घर के अंदर और घर के बाहर हर जगह सुरक्षा का कवच रहे। ऐसा कुछ सरकार को करना चाहिए ताकि बेटी के घर के बाहर जाने पर माता-पिता को उसके आने तक मन में कोई भय ना रहे।

मंजू गुप्ता ने कहा कि महिलाएं खुद ही सशक्तिकरण के लिये लगातार प्रयासरत हैं। बजट में महिला उद्यमियों को ध्यान में रखते हुए कम ब्याज पर सुगमतापूर्वक ऋण उपलब्ध कराया जाए। आयकर में उनकी कम से कम 10 लाख रुपये तक की आय को करमुक्त रखा जाए।

रिटायर्ड शिक्षिका बीना रस्तोगी कहती हैं कि नौकरियों में आधी आबादी को बराबर का हक दिया जा रहा है। हालांकि अभी कुछ क्षेत्रों में महिलाओं को बराबरी का हक नहीं मिल रहा है। सरकारी विभागों में नौकरी मिलती भी है तो महिलाओं को सम्मान कम मिलता है। इस पर सरकार ध्यान दें।

पूनम रस्तोगी का कहना है कि महिला सुरक्षा को लेकर सरकार ने काफी कुछ किया है लेकिन अभी बहुत कुछ करने की जरुरत है। कानून बनने और जागरुकता के बाद भी महिलाओं के साथ घर के अंदर से लेकर बाहर तक उत्पीड़न की तमाम घटनाएं होती हैं।

मनीषा शर्मा ने कहा कि दैनिक जरूरत का सामान बहुत महंगा हो गया है। जिसकी वजह से आम आदमी का घर का बजट गड़बड़ा गया है। वित्त मंत्री को अब इस महंगाई से छुटकारा दिलाना चाहिए। रसोई गैस सस्ती होनी चाहिए।

सुधा धारीवाल का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर लगभग 1000 रुपये का हो गया है । जिससे घर का बजट बिगड़ गया है। खाद्य तेलों की महंगाई पर भी अंकुश लगाने की आवश्यकता है।

 

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