समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण है बीजेपी का लक्ष्य: स्वतंत्र देव सिंह

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लखनऊ। हम जनमन की बात करते हैं जबकि वे गन की बात करते हैं। उनका लक्ष्य माफिया कल्याण है, हमारा लक्ष्य गरीब का कल्याण है। उनके शासन का संकल्प गुंडों का उदय है, हमारा लक्ष्य अंतिम व्यक्ति का उदय है। अखिलेश टोपी और पोटली लेकर टहल रहे हैं, लेकिन उनकी टोपी से अपराध का बोध …

लखनऊ। हम जनमन की बात करते हैं जबकि वे गन की बात करते हैं। उनका लक्ष्य माफिया कल्याण है, हमारा लक्ष्य गरीब का कल्याण है। उनके शासन का संकल्प गुंडों का उदय है, हमारा लक्ष्य अंतिम व्यक्ति का उदय है। अखिलेश टोपी और पोटली लेकर टहल रहे हैं, लेकिन उनकी टोपी से अपराध का बोध होता है जबकि पोटली में भूमाफियाओं, गुंडों और अपराधियों की फेहरिस्त। ये बातें बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने एक प्रेसवार्ता में कहीं।

स्वतंत्र देव सिंह ने सपा नेता पर लगाई आरोपों की झड़ी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने शनिवार को भाजपा मुख्यालय पर पत्रकार वार्ता के दौरान सपा नेता पर आरोपों की झड़ी लगा दी। इससे पूर्व पूर्व मंत्री डा. रंगनाथ मिश्रा, पूर्व विधायक मनीष रावत को पटकापहनाकर उन्होंने भाजपा में शामिल कराया।

अखिलेश ने हर जिले में एक भूमाफिया बनाया: गौरव

वहीं भाजपा के राष्टीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, जिनको समाज रिजेक्ट कर देता है, उसको सपा एक्सेप्ट कर लेती है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तो हर जिले में ऐसे लोगों की टीमें खड़ी की थीं, जिन्होंने गरीबों को सताया, किसानों की जमीनें लूटी। हर जिले में उन्होंने आजमखान जैसे भूमाफिया खड़े किए थे। उनका एक ही नारा था हर खाली प्लॉट हमारा, यानी सपाई गुंडों का। शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने यह आरोप लगाए। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि कोरोना महामारी में भाजपा के लोग सेवा में लगे रहे और सपा अध्यक्ष अपने बंगले में आराम कर रहे थे।

हार के डर से अखिलेश में बौखलाहट : पाठक

वहीं प्रदेश सरकार के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि पहले भी प्रदेश में हुए गठबंधन का हश्र जनता ने देखा है। 10 मार्च के बाद इस गठबंधन का भी वही होने वाला है। सपाई गठबंधन के सभी साथियों का रास्ता भी अलग हो जाएगा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने 2017 में दो लड़कों का गठबंधन देखा था। 2019 में बुआ-बबुआ का भी गठबंधन देखा। इनका हश्र सबने देखा था। गठबंधन कितने दिन का था। आज भी एक गठबंधन बना है, 10 मार्च के बाद इनके रास्ते भी जुदा हो जायेंगे।

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