मुरादाबाद : 20 हजार को लाल, पीला तो आठ हजार को दिया हरा कार्ड

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। इस बार विधानसभा चुनाव में पुलिस ने नया प्रयोग किया है। पुलिस प्रशासन ने चुनावी फिजा को बदरंग करने वालों के लिए रेड व यलो कार्ड का ग्रेड बनाया है तो लोकतंत्र की मजबूती में पुलिस का सहयोग करने वालों को ग्रीन कार्ड दिया जा रहा है। ऐसे में कार्ड के रंग …

मुरादाबाद, अमृत विचार। इस बार विधानसभा चुनाव में पुलिस ने नया प्रयोग किया है। पुलिस प्रशासन ने चुनावी फिजा को बदरंग करने वालों के लिए रेड व यलो कार्ड का ग्रेड बनाया है तो लोकतंत्र की मजबूती में पुलिस का सहयोग करने वालों को ग्रीन कार्ड दिया जा रहा है।

ऐसे में कार्ड के रंग के हिसाब से लोकतंत्र के चुनावी समर में शत्रु व मित्र की पहचान रहेगी। खाकी ने 20 हजार शरारती तत्वों को चिह्नित कर गड़बड़ी फैलाने वालों को लाल, पीला कार्ड दिया है तो मतदान में सहयोग करने वाले आठ हजार को हरा कार्ड दिया है।

चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने के लिए पुलिस तैयार है। चुनाव में कार्ड का रंग पुलिस का काम आसान करेगा। चुनाव में खलल डालने वाले 28 हजार लोगों की पहचान कर उनकी फितरत के हिसाब से पुलिस उन्हें कार्ड थमा रही है।

गड़बड़ी फैलाने वाले 10 हजार दबंग और हिस्ट्रीशीटरों को रेड कार्ड जारी किए गए हैं। रेड कार्ड धारक पर स्थानीय पुलिस के साथ खुफिया विभाग भी नजर गड़ाए है। इन्हें सख्त चेतावनी है कि यदि चुनाव में गड़बड़ी की तो खैर नहीं। 10 हजार ऐसे लोग चिह्नित हैं जो सीधे गड़बड़ी नहीं फैलाएंगे मगर भीड़ एकत्र कर या लोगों को उकसा कर गड़बड़ी फैला सकते हैं। ऐसे तत्वों को पुलिस ने पीला कार्ड दिया। पीला कार्ड धारक मतदान स्थल के आसपास वाले हैं जिनसे पुलिस को गड़बड़ी की आशंका है। इन्हें कार्ड देकर चेताया कि मतदान केंद्र के आसपास गड़बड़ी पर ऐसे लोग सीधे जिम्मेदार होंगे। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हरा कार्ड पुलिस ने आठ हजार को दिया है। यह पुलिस मित्र हैं। इनमें पुलिस के डिजिटल वालंटियर भी शामिल हैं। इन लोगों का काम लाल और पीला कार्ड धारकों पर नजर रखना है। यह लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करेंगे। हरा कार्ड धारक पुलिस का हर संभव सहयोग करेंगे।

निष्पक्ष, शांतिपूर्ण व अपराधमुक्त चुनाव के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है। चुनाव से जुड़े हर पहलू का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। जनमानस के बीच के लोगों की पहचान कर उनके कार्य-व्यवहार के हिसाब से लाल, पीला और हरा कार्ड दिया गया है। इसके आधार पर पुलिस अपने काम को आसानी से कर चुनाव को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण कराएगी।
बबलू कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

रेड कार्ड
रेड कार्ड उसे दिया जाता है जिससे चुनाव में गड़बड़ी की आशंका है। उसकी प्रत्येक गतिविधि पर पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी नजर रखे हुए हैं। यदि किसी भी दशा में कानून का उल्लंघन करते हैं तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पीला कार्ड
पीला कार्ड धारकों से भी पुलिस को चुनाव में गड़बड़ी की आशंका है। ये लोग भीड़ एकत्र करके मतदान में बाधा डाल सकते हैं। भीड़ को उकसा कर दंगा करा सकते हैं। इनकी भी प्रत्येक गतिविधि पर पुलिस और खुफिया विभाग की पैनी नजर है।

हरा कार्ड
यह कार्ड ऐसे लोगों को दिया है जो पुलिस मित्र हैं। चुनाव के दौरान ऐसे लोगों से पुलिस मदद लेगी। हरा कार्ड धारक लाल और पीला कार्ड धारकों पर नजर भी रखेंगे। इसके साथ ही पुलिस की हर संभव मदद भी करेंगे। हरा कार्ड धारक मतदान के िलए भी प्रेरित करेंगे।

संबंधित समाचार