बरेली: मोहल्लों में बच्चों को पढ़ाने की योजना अटकी
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की वजह से परिषदीय स्कूलों को बंद करा दिया गया है। इन दिनों स्कूलों में वैक्सीनेशन,पुरातन छात्र डाटा व अन्य विभागीय कार्यों के लिए शिक्षकों को बुलाया जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए शासन की ओर से 100 दिन की रीडिंग कैंपेन चलाने की योजना …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की वजह से परिषदीय स्कूलों को बंद करा दिया गया है। इन दिनों स्कूलों में वैक्सीनेशन,पुरातन छात्र डाटा व अन्य विभागीय कार्यों के लिए शिक्षकों को बुलाया जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए शासन की ओर से 100 दिन की रीडिंग कैंपेन चलाने की योजना बनाई थी।
फरवरी के पहले हफ्ते से कैंपेन शुरू होना था, मगर चुनाव व टीकाकरण में ज्यादातर शिक्षकों के जुटे होने के कारण इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। हालांकि, इस संबंध में शिक्षक व प्रधानाध्यापकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके तहत स्कूल बंद होने की दशा में शिक्षकों को मोहल्लों में जाकर बच्चों को पढ़ाना है। संबंधित मोहल्ले के विद्यार्थियों को किसी स्थान पर बुलाया जाएगा। कोविड नियमों का पालन कराते हुए उन्हें पढ़ाया जाएगा। इस बाबत नगर क्षेत्र के स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें रीडिंग कैंपेन के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
वर्जन –प्रधानाध्यापकों को सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए हुए लक्ष्य को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें एआरपी भी शामिल होंगे और बच्चों को प्रेरित किया जाएगा कि वे दूरदर्शन के माध्यम से भी पढ़ाई करें। साथ ही व्हाट्सएप ग्रुपों में जुड़कर शिक्षण सामग्री का लाभ लें। –विनय कुमार, बीएसए
