मुरादाबाद : चुनाव में समीकरण बदल सकते हैं निर्दलीय
आशुतोष मिश्र/मुरादाबाद, अमृत विचार। समाजवादी गढ़ में चुनावी मुकाबले की बुनियाद तैयार हो रही है। सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस के अपने-अपने दावे हैं। सभी दमखम के साथ जनता की अदालत में हैं। उधर, छोटे दलों एवं स्वतंत्र उम्मीदवारों को लेकर चौपाल पर बहस छिड़ गई है। राजनीतिक पंडित मानते हैं कि छोटे और स्वतंत्र उम्मीदवार …
आशुतोष मिश्र/मुरादाबाद, अमृत विचार। समाजवादी गढ़ में चुनावी मुकाबले की बुनियाद तैयार हो रही है। सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस के अपने-अपने दावे हैं। सभी दमखम के साथ जनता की अदालत में हैं। उधर, छोटे दलों एवं स्वतंत्र उम्मीदवारों को लेकर चौपाल पर बहस छिड़ गई है। राजनीतिक पंडित मानते हैं कि छोटे और स्वतंत्र उम्मीदवार चुनाव में गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।
वर्ष 2017 के चुनाव परिणाम को देखें तो इस संभावना को बल मिल रहा है। पिछले चुनाव में जिले की छह सीटों में चार पर सपा की साइकिल दौड़ी थी। दो सीटों पर सीधी टक्कर में कमल खिला था। शहर और कांठ विधानसभा सीट पर सपा- भाजपा के बीच सीधी टक्कर हुई थी। मुरादाबाद शहर की सीट पर रितेश गुप्ता कांटे की जंग में जीते थे। कांठ क्षेत्र में भी भाजपा के जीत का अंतर 3000 के भीतर था।
वर्ष 2022 के चुनाव में भी छोटे दल और स्वतंत्र उम्मीदवारों की वजह से यह कहानी साबित हो सकती है। मुरादाबाद शहर पर रालोद, पीस पार्टी, एआईएम आईएम और निर्दलियों ने सपा का खेल बिगाड़ दिया था। देहात विधानसभा क्षेत्र में भी यही तस्वीर थी। यहां माकपा, एआईएमआईएम, आरपीआई, शिवसेना तथा स्वतंत्र उम्मीदवारों की वजह से भाजपा की राह मुश्किल हो गई थी।
वर्ष 2022 के चुनाव में फिर ऐसे उम्मीदवार ताल ठोक चुके हैं। सबसे कम उम्मीदवार बिलारी विधानसभा क्षेत्र में हैं, जिसमें निर्दलीय कोई नहीं है। अलबत्ता आम आदमी पार्टी, पीस पार्टी, एआईएमआईएम के उम्मीदवार ने दस्तक दी है। कांठ विधानसभा क्षेत्र में 15 उम्मीदवार हैं, जिनमें जन अधिकार पार्टी, पीस पार्टी, राष्ट्रीय समाज पक्ष, एआईएमआईएम और स्वतंत्र उम्मीदवार शामिल हैं। कुंदरकी क्षेत्र में कुल 11 उम्मीदवार हैं, जिनमें चार निर्दलीय और बाकी छोटे दलों के प्रत्याशी हैं। ठाकुरद्वारा में 10 लोगों के बीच चुनावी जंग है, जिनमें तीन स्वतंत्र उम्मीदवार हैं। बाकी राष्ट्रीय समानता दल, आम आदमी पार्टी, आजाद समाज पार्टी के चेहरे हैं। मुरादाबाद देहात में भी 13 उम्मीदवार हैं। उनमें निर्दलीय सिर्फ दो हैं। बाकी आजाद समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी, एआईएमआईएम के उम्मीदवार ने ताल ठोकी है।
शहर सीट पर भी 10 उम्मीदवार हैं, जिसमें स्वतंत्र सिर्फ एक है। प्रमुख दलों के अलावा आम आदमी पार्टी, शिवसेना, एआईएमआईएम, आजाद समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार मैदान में हैं। यानी इस बार भी छोटे दल और राजनीति स्वतंत्र गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। राजनीति और क्रिकेट में अंतिम समय तक जीत और हार का समीकरण बनता और बिगड़ता है। इसलिए जानकार छोटे दलों को गेम चेंजर के तौर पर देखते हैं।
वर्ष 2017 के चुनाव में उम्मीदवारों को मिले मत
कुंदरकी
हाजी रिजवान (सपा)110561 जीते
रामवीर सिंह (भाजपा) 99740 हारे
जीत का अंतर 10821
अन्य/निर्दलीय को मिले मत 17958
बिलारी
मो. फहीम (सपा) 85282 जीते
सुरेश सिंह सैनी (भाजपा) 72214 हारे
जीत का अंतर 13441
अन्य/निर्दलीय को मिले मत 52302
कांठ
राजेश कुमार सिंह (भाजपा ) 76307 जीते
अनीसुर्रहमान सैफी (सपा )73959 हारे
जीत का अंतर-13409
अन्य/निर्दलीय को मिले मत 57823
ठाकुरद्वारा
नवाब जान खान (सपा) 107865 जीते
राजपाल सिंह चौहान (भाजपा) 94456 हारे
जीत का अंतर 13409
अन्य/निर्दलीय को मिले मत 13238

