Teen Depression: कम उम्र के बच्चों में बढ़ रही डिप्रेशन की शिकायत, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज…
Teen Depression: आज के दौर में डिप्रेशन ग्लोबर स्मस्या का रूप लेता जा रहा है। बड़े ही नहीं अब बच्चे भी डिप्रेशन जैसी बड़ी दिक्कत का शिकार होते जा रहे हैं। बच्चे का नाराज होना या रूठना स्वभाविक होता है, लेकिन अगर बच्चे की खामोशी में असामान्य लक्षण झलक रहे हैं तो उसे बिल्कुल नजर …
Teen Depression: आज के दौर में डिप्रेशन ग्लोबर स्मस्या का रूप लेता जा रहा है। बड़े ही नहीं अब बच्चे भी डिप्रेशन जैसी बड़ी दिक्कत का शिकार होते जा रहे हैं। बच्चे का नाराज होना या रूठना स्वभाविक होता है, लेकिन अगर बच्चे की खामोशी में असामान्य लक्षण झलक रहे हैं तो उसे बिल्कुल नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे-जैसे लोग इस बीमारी के चपेट में आने लगते हैं उनमें जीने के इच्छा खत्म होने लगती है।

इसी सिलसिले में अमृत विचार की केजीएमयू के साइकोलॉजी डिपार्टमेंट के HOD डॉ. विवेक अग्रवाल से बात हुई। उन्होंने बताया कि खराब स्वास्थ्य, जिंदगी की तमाम समस्याओं, पारिवारिक दिक्कतों, आस-पास के माहौल, अनुवांशिक या बायोकेमिकल डिस्टर्बेंस की वजह से बच्चों में डिप्रेशन की शिकायत पाई जाती है। डिप्रेशन में रहने वाले बच्चों को अक्सर सामाजिक दूरियां बनाए रहना ज्यादा बेहतर ऑप्शन लगता है।

20-30 मिनट शारीरिक व्यायाम करें। इससे आपके दिमाग को सोचने का वक्त मिलेगा। मेडिटेशन कीजिए राहत भरा संगीत सुनिए। 10-20 मिनट तक आंखें बंद करके शांति का अनुभव कीजिए। गहरी सांस लीजिए। दिमाग को शांत करें, और तनाव भरी बातें दिमाग से निकाल दें। अखबार पढ़िए या किसी से बात कीजिए। अपनी भावनाओं को कागज़ पर लिखने से, या किसी से बात करने पर आप ये जान पाएंगे कि आपके तनाव के कारण क्या है।

बच्चों में डिप्रेशन के लक्षण
- लोगों से बात करना बंद कर देना।
- रिजेक्टे होने का डर रहना, भूख कम या ज्याकदा लगना।
- ज्याकदा या कम नींद आना।
- रोने का मन करना, ध्यान लगाने में दिक्कतत होना।
- थकान और एनर्जी कम महसूस होना।
- पेट दर्द या सिरदर्द रहना।
- कुछ भी काम करने का मन न करना।
- मन में एक अपराधबोध महसूस होना।
- सुसाइड करने या मरने के विचार आना।

