यूपी चुनाव: अनुराग ठाकुर ने अखिलेश पर कसा तंज, कहा- जो टोटी चुराते हैं… वह रोटी क्या देंगे

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लखनऊ। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा प्रदेश के सह चुनाव प्रभारी अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को कहा कि, अपराधिक छवि वाले कभी गरीबों का उत्थान नहीं कर सकते। इसलिए गरीब भी कहता है कि जो टोटी चुराते हैं, वह रोटी क्या देंगे। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि मोदी और योगी सरकार …

लखनऊ। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा प्रदेश के सह चुनाव प्रभारी अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को कहा कि, अपराधिक छवि वाले कभी गरीबों का उत्थान नहीं कर सकते। इसलिए गरीब भी कहता है कि जो टोटी चुराते हैं, वह रोटी क्या देंगे। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि मोदी और योगी सरकार ने करके दिखाया है, आगे भी करके दिखाएंगे। मोदी-योगी का जोर है। ऐसे में प्रदेश के लोग कहने लगे हैं कि साइकिल रखो नुमाइश में , कमल खिलेगा बाइस में।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अखिलेश यादव ने शायद ही कोई ऐसा अपराधी, दंगाई और माफिया को छोड़ा है, जो उनकी सूची में न हो। जो रह गए थे, उनका साथ लेने में सहयोगी दल लगे हैं। यह स्पष्ट दिखता है कि जो जेल के पीछे हैं, जिन्होंने प्रदेश में खून की नदी बहाई, जिन्होंने टोपी का रंग और गहरा प्रदेश के लोगों के खून से किया है, उन लोगों के समर्थन का भी काम यह लोग चोरी छिपे करते हैं, तो उत्तर प्रदेश की जनता उसको कभी स्वीकार नहीं करने वाली।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सपा खुलकर टिकटें क्यों नहीं बांट पा रही है, क्योंकि जब पहली लिस्ट आई, तो एक जेल वाला था, दूसरा बेल वाला था। बीच में भी जितने टिकटें आईं, उनकी भी यही हालत थी। कांग्रेस, सपा, बसपा में यह बौखलाहट, घबराहट और डगमगाहट इसलिए दिखती है, क्योंकि जमीन पर कुछ किया नहीं, जब उनकी सरकार थी। सीएम योगी ने कल तुलना करके बताया, कई गुना ज्यादा विकास सीएम योगी ने किया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने नामांकन किया है। जहां एक ओर भाजपा की ओर से एक के बाद एक नामांकन हो रहा है। वहीं, सपा की यह हालत आपको अखिलेश यादव के चेहरे से देखने को मिल गई होगी, चोरी छिपे, छुप छुपकर टिकटें देने का जो काम हो रहा था, अब टिकटें बदलने का काम भी हो रहा है। साइकिल पर चढ़ने के लिए लोग तैयार नहीं हो रहे हैं। गठबंधन में दरारें नजर आती दिख रही हैं, और यह प्रतीक है इसका कि अपराधी, दंगाई और माफिया को जो लेकर चलते थे, जनता ने न इनको पहले स्वीकार किया और न आज स्वीकार करने वाले हैं।

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