मुरादाबाद : समय पर इलाज से विकलांगता से बच सकते हैं कुष्ठ रोगी
मुरादाबाद, अमृत विचार। आजादी के अमृत महोत्सव एवं कुष्ठ पखवाड़े के क्रम मे कुष्ठ जागरूकता कार्यक्रम आर्य कन्या इंटर कॉलेज में किया गया। जिसका उद्देश्य जन-जन में कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता पैदा करना है। आरंभ की स्थिति में कुष्ठ रोगी की पहचान होने और समय से उपचार के द्वारा कुष्ठ रोगी को विकलांगता से …
मुरादाबाद, अमृत विचार। आजादी के अमृत महोत्सव एवं कुष्ठ पखवाड़े के क्रम मे कुष्ठ जागरूकता कार्यक्रम आर्य कन्या इंटर कॉलेज में किया गया। जिसका उद्देश्य जन-जन में कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता पैदा करना है। आरंभ की स्थिति में कुष्ठ रोगी की पहचान होने और समय से उपचार के द्वारा कुष्ठ रोगी को विकलांगता से बचाया जा सके। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ वंदना सक्सेना ने जिलाधिकारी का संदेश छात्राओं के सम्मुख पढ़ा।
उन्होंने छात्राओं को बताया कि आसपास कोई ऐसा व्यक्ति रहता है जिसके शरीर पर दाग धब्बे हैं तो उसे जांच करने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम संयोजक दीपा यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमें सर्वे संतु निरामया का संदेश देती है। भारत का नागरिक होने की वजह से यह हमारा कर्तव्य है कि कुष्ठ जैसे रोग को समाप्त करने के लिए अपना पूर्ण योगदान दें। जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ भास्कर अग्रवाल ने बताया कि ऐसा समझा जाता है कि कुष्ठ रोग लगभग समाप्त हो गया है।
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लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन के 2020 के डेटा के अनुसार पूरी दुनिया में 127758 कुष्ठ के रोगी मौजूद है। इसमें 65164 रोगी केवल भारत में हैं। मुरादाबाद महानगर में 207 कुष्ठ के रोगी इलाज ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग को छिपाना घातक हो सकता है। सही समय पर जांच एवं इलाज से विकलांगता से रोगी को बचाया जा सकता है। कार्यक्रम के आयोजन में गीता भटनागर, कमलेश सैनी, अंजली आदि शिक्षिकाओं का योगदान रहा।
