मुरादाबाद : परिवार ने जिसे बताया मृत, वो गोवा में कर रहा था नौकरी
मुरादाबाद, अमृत विचार। ईंट-भट्ठे में जलाकर मारे गए युवक को सिविल लाइंस पुलिस ने 179 दिन बाद सकुशल जिंदा बरामद कर लिया। युवक ने पिता और छोटे भाई के साथ मिलकर पत्नी और ससुराल वालों को फंसाने के लिए अपनी ही मौत का षड़यंत्र रचा था। अदालत के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में 15 …
मुरादाबाद, अमृत विचार। ईंट-भट्ठे में जलाकर मारे गए युवक को सिविल लाइंस पुलिस ने 179 दिन बाद सकुशल जिंदा बरामद कर लिया। युवक ने पिता और छोटे भाई के साथ मिलकर पत्नी और ससुराल वालों को फंसाने के लिए अपनी ही मौत का षड़यंत्र रचा था। अदालत के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में 15 अगस्त 2021 को युवक की पत्नी, सास-ससुर और दो सालों के खिलाफ हत्या करके शव को गायब करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।
एसएसपी बबलू कुमार ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के गांव भटावली निवासी चेतराम ने 15 अगस्त 2021 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि उसके पुत्र जयवीर का पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते मझोला थानाक्षेत्र के लाइनपार शांति नगर ढक्का रोड निकट कन्या इंटर कालेज के पास रहने वाली पत्नी सुमन ने अपने पिता तुलाराम, मां शांति देवी और भाइयों विक्रम सिंह तथा राजू सिंह ने उनके बेटे की हत्या करके शव को ईंट भट्ठे में जला दिया।
पुलिस को विवेचना के दौरान मामले में षड़यंत्र लगा। इसके बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी करते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया। पुलिस ने नामजदों को गिरफ्तार भी नहीं किया। मामले के खुलासे के लिए सिविल लाइंस पुलिस के अलावा एसओजी और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया था। इस दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि जयवीर के खाते से लेनदेन किया जा रहा है। मृत व्यक्ति के खाते से लेनदेन की जानकारी होते ही पुलिस को पक्का यकीन हो गया कि जयवीर जीवित है। पुलिस कड़ियों को जोड़ते हुए गोवा पहुंच गई। वहां जयवीर सिंह होटल में गार्ड की नौकरी करता हुआ मिला। पुलिस उसे गिरफ्तार करके यहां ले आई।
इसके बाद पुलिस ने झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले जयवीर सिंह के पिता चेतराम सिंह और छोटे भाई सत्यवीर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्होंने सुमन और उसके माता-पिता तथा भाइयों को फंसाने के लिए ही यह षड़यंत्र रचा था। एएसपी/सीओ सिविल लाइंस सागर जैन ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ षड़यंत्र रचकर झूठा मुकदमा कराने के आरोप में धारा 211, 177, 195 और 120बी के तहत कार्रवाई की गई है।
पहले रुद्रपुर में नौकरी करता था जयवीर
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस आरपी सिंह ने बताया कि खुद को मृत दर्शाने वाला जयवीर पहले रुद्रपुर में नौकरी करता था। मुकदमा कराने के बाद वह गोवा चला गया था। वहां उसने एक होटल में गार्ड की नौकरी कर ली थी। वेतन के लिए उसने मुरादाबाद स्थित बैंक एकाउंट का इस्तेमाल किया। इसी चूक की वजह से कानून के हाथ उसकी गर्दन तक पहुंच गए।
दूसरी शादी की फिराक में था जयवीर
गोवा जाने के बाद जयवीर मौज की जिंदगी व्यतीत कर रहा था। उसने वहां एक लड़की को भी प्रेमजाल में फंसा लिया था। वह प्रेमिका के साथ ही रहता था। जल्द ही वह प्रेमिका के साथ शादी भी करना चाहता था। जबकि उसका सुमन से पांच साल का एक बेटा भी है।
