लखीमपुर-खीरी: जमानत निरस्त नहीं हुई तो बड़े स्तर पर होगा आंदोलन

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लखीमपुर-खीरी,अमृतविचार। तिकुनियां हिंसा के मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र आशीष मिश्र को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद किसान संगठनों में रोष व्याप्त हो गया है। भारतीय किसान यूनियन चढूनी ने जमानत का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि उच्च न्यायलय जमानत के फैसले को वापस नहीं लेता है तो पूरे देश में …

लखीमपुर-खीरी,अमृतविचार। तिकुनियां हिंसा के मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र आशीष मिश्र को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद किसान संगठनों में रोष व्याप्त हो गया है। भारतीय किसान यूनियन चढूनी ने जमानत का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि उच्च न्यायलय जमानत के फैसले को वापस नहीं लेता है तो पूरे देश में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

तीन अक्तूबर को तिकुनियां कांड में चार किसानों, एक पत्रकार और तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए थे। मृतक किसानों के परिवार के तरफ से दर्ज मुकदमे में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र सहित 14 लोगों के खिलाफ एसआईटी ने आकरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था।

हाईकोर्ट में आशीष मिश्र ने जमानत याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई के बाद फैसला सुरिक्षत रखा गया था। गुरुवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए आशीष मिश्र को जमानत दे दी है। जमानत मिलने की खबरें आते ही राजनीतिक एक बार फिर गरमा गई। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के प्रदेश महासचिव अमनदीप सिंह संधू ने कहा कि तीन अक्तूबर को तिकुनिया में हुई हिंसा में अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र की सोची समझी साजिश के तहत किसान भाइयों को गाड़ियों से कुचला गया, जिसमें चार किसान, एक पत्रकार शहीद हुआ। अन्य कई किसान गंभीर रूप से घायल हुए।

सबूतों को देखते हुए एसआईटी ने आशीष मिश्र को दोषी ठहराया है। गुरुवार को उच्च न्यायालय ने आशीष मिश्र को राजनीति दबाव होने के कारण जमानत दी गई, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। उन्होंने भारतीय किसान यूनियन चढूनी की तरफ से उच्च न्यायालय से अपील है कि जो निर्णय उच्च न्यायालय ने लिया है। उसको वापस लिया जाए, नहीं तो पूरे देश में बहुत बड़े स्तर से आंदोलन शुरू किया जाएगा ।
आशीष को जमानत मिलने से चढ़ा सियासी पारा
लखीमपुर-खीरी। तिकुनियां कांड के मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र आशीष मिश्र को विधानसभा चुनावों के बीच जमानत मिलने के बाद सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। जहां विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच भाजपा को घेरने की कोशिश में जुट गई हैं। वहीं किसान संगठनों की नाराजगी भी सामने आने लगी है। तिकुनियां हिंसा कांड और जमानत मिलने के बाद चौतरफा घिर रही है। राजनीतिककारों का मानना है कि आशीष मिश्र की जमानत का असर दूसरे और तीसरे चरण से लेकर सातवें चरण के चुनावों तक पड़ सकता है।

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