जनता से दूर रहने वाले नेताजी मांग रहे माफी, दे रहे हैं वचन

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विनोद श्रीवास्तव/अमृत विचार। मतदाताओं से खता की माफी मांग बहुतेरे नेता अब साथ निभाने का वचन दे रहे हैं। जनता विधायकों को अपने बीच पाकर पूछ रही है कि अब तक कहां थे जनाब। पिछला वादा गिनाकर अब तक कराए कार्य का हिसाब जनता नेताओं से ले रही है। तो दांत निपोरे नेताजी हमसे भूल हो …

विनोद श्रीवास्तव/अमृत विचार। मतदाताओं से खता की माफी मांग बहुतेरे नेता अब साथ निभाने का वचन दे रहे हैं। जनता विधायकों को अपने बीच पाकर पूछ रही है कि अब तक कहां थे जनाब। पिछला वादा गिनाकर अब तक कराए कार्य का हिसाब जनता नेताओं से ले रही है। तो दांत निपोरे नेताजी हमसे भूल हो गई, हमको माफी दे दो के अंदाज में मनुहार कर रहे हैं।

ऐसी परिस्थितियों से कमोवेश हर विधानसभा क्षेत्र में विधायकी जीते नेताओं को दो चार होना पड़ रहा है। चुनाव में जनता का समर्थन और आशीर्वाद पाने के लिए लंबा चौड़ा वादा कर उसे भूल जाना कई दिग्गज नेताओं को भी भारी पड़ रहा है। विधायक जी की जनता दरबार में उपस्थिति उनके लिए असहज संयोग भी बन रहा है। कई गांव व मोहल्ले में नेताओं को दौड़ाकर भगाया गया तो कई जगह उनके समर्थकों को मतदाताओं की खरी खोटी सुननी पड़ रही है।

जिले में ऐसी स्थिति से मुरादाबाद नगर, कांठ, बिलारी, मुरादाबाद देहात में पिछला चुनाव जीतने वाले विधायकों को गुजरना पड़ रहा है। जनहित के मुद्दों पर पांच साल की खामोशी का सिला अब मतदाता नेता से सवाल पूछकर ले रहे हैं। जनता ऐसे नेताओं से सवाल भी पूछ रही है जो जीतने के बाद कभी उनकी गलियों और चौखट पर झांकने नहीं आए। तो नेताजी दांत निपोरे हमसे भूल हो गई हमको माफी दे दो की मुद्रा में आकर मनुहार कर रहे हैं। वह एक बार और जीत का आशीर्वाद मांग सब वादा निभाने की कसमें भी खा रहे हैं। विरोधी दलों के प्रत्याशियों को ऐसे माननीयों की खिल्ली उड़ाने का अवसर भी मिल रहा है।

नेता नहीं बेटा बनने की दे रहे दुहाई : चुनाव में जिन बड़े दलों ने नये चेहरे को मैदान में उतारा है वह अपने ही दल के पहले के प्रत्याशियों की खामियों को सुधारने का भरोसा जनता को दिला रहे हैं। वह नेता नहीं बेटा बनकर काम करने की फरियाद कर एक बार जीत का अवसर देने का आशीष मतदाताओं से मांग रहे हैं। कई नेता बड़े बुजुर्गों का हाथ अपने सिर पर रखवाकर ही उनकी चौखट से आगे बढ़ रहे हैं। जनता परख रही नेताओं की हकीकत : जनसंपर्क में पहुंचे नेताओं की हकीकत परखने के लिए मतदाता चौक-चौराहों पर चर्चा कर रही है। कई सयाने मतदाता खामोशी का लबादा ओढ़कर सबकी सुन रहे हैं लेकिन अपने मुंह से कुछ नहीं बोल रहे हैं। वह नेताओं की हकीकत परख अपनों के दिए विचार से अपनी धारणा को तौल रहे हैं।

वेलेंटाइन डे के दिन तय होगी छह विधानसभा सीटों पर 66 की तकदीर
जिले की छह विधानसभा सीटों पर 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के दिन 2667 बूथों पर वोट पड़ेगा, 66 प्रत्याशियों की तकदीर बटन दबाकर 24,19083 मतदाता ईवीएम के हवाले करेंगे। इसमें 12,86,166 पुरुष, 11,32,781 महिला और 136 थर्ड जेंडर हैं। विधानसभा की जिन सीटों पर वोट पड़ेगा उसमें मुरादाबाद नगर, देहात, कुंदरकी, बिलारी, कांठ और ठाकुरद्वारा शामिल हैं।

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