बरेली: ग्राम विकास अधिकारी ने नहीं दिए पूरे अभिलेख

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली,अमृत विचार। ग्राम पंचायत से हटाकर डीसी मनरेगा कार्यालय में संबद्ध किये गए ग्राम विकास अधिकारी ने 9 लाख रुपये निकाल लिए थे। मामले को संज्ञान में लेते हुए डीपीआरओ ने ग्राम विकास अधिकारी से अभिलेख मांगे थे। गुरुवार को उसने अभिलेख तो प्रस्तुत किए, लेकिन आधे-अधूरे। डीपीआरओ ने एक सप्ताह के अंदर दस्तावेज प्रस्तुत …

बरेली,अमृत विचार। ग्राम पंचायत से हटाकर डीसी मनरेगा कार्यालय में संबद्ध किये गए ग्राम विकास अधिकारी ने 9 लाख रुपये निकाल लिए थे। मामले को संज्ञान में लेते हुए डीपीआरओ ने ग्राम विकास अधिकारी से अभिलेख मांगे थे। गुरुवार को उसने अभिलेख तो प्रस्तुत किए, लेकिन आधे-अधूरे।

डीपीआरओ ने एक सप्ताह के अंदर दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं। अन्यथा की स्थिति में एफआइआर दर्ज कराए जाने की बात कही है। बिथरी चैनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत उड़ला जागीर के ग्राम विकास अधिकारी को शिकायतों के आधार पर दो दिन पूर्व डीसी मनरेगा कार्यालय संबद्ध कर दिया गया था।

आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी आलोक यादव ने रातोंरात तकरीबन 9 लाख रुपये निकाल लिए थे। डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी आलोक यादव की ओर से अधूरे अभिलेख प्रस्तुत किए गए हैं। एक सप्ताह के अंदर बैंक स्टेटमेंट, ग्राम पंचायत में कराए गए कार्य व किन-किन मदों में रुपये निकाले गए आदि से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। निर्धारित समय के अंदर अभिलेख नहीं दिए जाते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।

ये भी पढ़ें-

बरेली: दबंगों ने रंगदारी न देने पर होटल में की तोड़फोड़

संबंधित समाचार