औरेया: सपा के बाद बसपा ने भी किया पुरानी पेंशन बहाल करने का वादा

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औरैया। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने भी उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव के बाद पार्टी की सरकार बनने पर पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने की घोषणा कर दी है। बसपा सरकार बनने पर लागू होगी पुरानी पेंशन व्यवस्था मायावती ने शनिवार …

औरैया। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने भी उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव के बाद पार्टी की सरकार बनने पर पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने की घोषणा कर दी है।

बसपा सरकार बनने पर लागू होगी पुरानी पेंशन व्यवस्था

मायावती ने शनिवार को औरैया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बसपा की सरकार बनने पर पुरानी पेंशन व्यवस्था को फिर से लागू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इसके पहले अखिलेश भी उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर पेंशन व्यवस्था को लागू करने की घोषणा कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को दयनीय बताते हुये दलितों के साथ हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाया।

बीजेपी के राज में लचर हुई कानून व्यवस्था

उन्होंने हाल ही में एक दलित युवती की उन्नाव में हत्या के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि बसपा की सरकार बनने पर भाजपा और सपा सरकारों की तरह कानून व्यवस्था को किसी भी कीमत पर लचर नहीं होने दिया जाएगा। मायावती ने कहा कि मेरी सरकार में उन्नाव की तरह, दलित वर्ग की बहन बेटियों दरिंदगी का शिकार नहीं होने दिया जायेगा।

उन्होंने किसानों को भी भरोसा दिलाया कि बसपा सरकार बनने पर उन्हें निराश नहीं होने दिया जाएगा। मायावती ने भाजपा सरकार पर मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोगों के साथ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज इस सरकार में सबसे ज्यादा दुखी रहा है। वहीं, इस सरकार में ब्राह्मण समाज ने अपने आप को उपेक्षित महसूस किया। इतना ही भाजपा सरकार में दलितों और पिछड़ों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की सरकार पर भी उन्होंने आरक्षण खत्म करने का आरोप लगाया। मायावती ने कहा कि सपा सरकार में अनुसूचित जाति एवं जनजातियों का सरकारी ठेकों में आरक्षण खत्म कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पहली बार बसपा सरकार में की गई थी। इतना ही नहीं दलित वर्ग के छात्रों का विदेश जाकर पढ़ाई करने की योजना भी खत्म कर दी गई। बसपा प्रमुख ने भाजपा और सपा सरकार में युवाओं की बेरोजगारी को अहम समस्या बताया।

उन्होंने कहा कि बीते दस सालों में लोगों को रोजगार ना मिलने के कारण पलायन करना पड़ा है। बसपा की सरकार बनने पर बेरोजगार युवाओं को रोटी रोजी के साधन जरूर दिए जाएंगे जबकि कोरोना महामारी के दौरान जनता की हालत और भी ज्यादा खराब हो गई है।

मायावती ने बसपा की पूर्ववर्ती सरकारों की उपलब्धियों को जिक्र करते हुए कहा कि सपा और भाजपा की जनविरोधी सरकारों से निजात पाने के लिए जनता को अपनी एकमात्र हितैषी पार्टी बसपा की ही सरकार बनाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि बसपा की चारों सरकारों में बिना भेदभाव और बिना पक्षपात के सभी वर्गों के लिए काम किया गया।

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