हल्द्वानी: 629 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 82,66,644 मतदाताओं के हाथ में
हल्द्वानी, अमृत विचार। 70 विधानसभा सीटों के लिए कल सोमवार को उत्तराखंड में मतदान होगा। 629 प्रत्याशियों का भाग्य 82,66,644 मतदाताओं के हाथ में है। उत्तराखंड में 42,38,890 पुरुष और 39,32,995 महिला के साथ 40 अन्य वोटर शामिल हैं। इसके अलावा इसमें 94471 सर्विस वोटर भी हैं। जबकि राज्य में कुल 11697 मतदान केंद्र बनाए …
हल्द्वानी, अमृत विचार। 70 विधानसभा सीटों के लिए कल सोमवार को उत्तराखंड में मतदान होगा। 629 प्रत्याशियों का भाग्य 82,66,644 मतदाताओं के हाथ में है। उत्तराखंड में 42,38,890 पुरुष और 39,32,995 महिला के साथ 40 अन्य वोटर शामिल हैं। इसके अलावा इसमें 94471 सर्विस वोटर भी हैं। जबकि राज्य में कुल 11697 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिनकी सुरक्षा व्यवस्था तकरीबन 50 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों के हवाले है। इसके अलावा संवेदनशी केन्द्रों के लिए रिजर्व फोर्स भी रखी गई है।
आज देर शाम तक पोलिंग पार्टियां एमबीपीजी कॉलेज से रवाना होने का सिलसिला चल निकला है। दुर्गम के पोलिंग स्टेशनों के लिए पोलिंग पार्टियां पहले ही रवाना हो चुकी हैं।
उत्तराखंड में विभिन्न जिलों में 145 संभावित विवाद वाले मतदान केंद्रों पर विशेष सुरक्षा के साथ ही सीसीटीवी से निगरानी होगी। विवाद वाले केंद्रों पर वायरलैस के जरिए पल-पल की जानकारी ली जाएगी। इनमें एक-एक सेक्शन फोर्स भी तैनात रहेगी। सुरक्षा के लिए 110 कंपनी केंद्रीय अर्धसैनिक बल, 26 कंपनी पीएसी, राज्य से 4604 व दूसरे राज्यों से 13200 होमगार्ड जवान, 4178 पीआरडी और 26 कंपनी वन रक्षकों की सुरक्षा में तैनाती की गई है। विवाद वाले मतदान केंद्र हरिद्वार जिले में 51, देहरादून में 40, नैनीताल में 20, यूएसनगर में 17, अल्मोड़ा में 14, पौड़ी में दो और रुद्रप्रयाग में एक शामिल हैं। इन सभी केंद्रों पर 11 कंपनी अतिरिक्त फोर्स की तैनाती रिजर्व के तौर पर की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल से सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने को लगाया जा सके।
डुमक गांव का पोलिंग बूथ सबसे दूर
उत्तराखंड के चमोली जिले का बदरीनाथ विधानसभा का डुमक गांव का पोलिंग बूथ राज्य का सबसे अधिक पैदल दूरी वाला बूथ है। गांव तक पहुंचने के लिए पोलिंग पार्टी को 20 किलोमीटर की दूरी नापनी होगी। यहां पहुंचने के लिए दो दिन पहले ही पोलिंग पार्टियां गोपेश्वर से रवाना हो चुकी हैं। पोलिंग पार्टियों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर पीपलकोटी से आगे की चढ़ाई भरी यात्रा पैदल ही तय करनी होती है। वहीं बदरीनाथ विधानसभा का ही कलगोट गांव तक पहुंचने के लिए लगभग 18 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई तय करनी होती है। देर शाम तक पार्टियां यहां पहुंच चुकी थीं।
