मुरादाबाद : घूंघट की ‘ओट’ से ‘वोट’ करने में पीछे नहीं रही आधी आबादी

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। लोकतंत्र के महापर्व पर नारी शक्ति भी पीछे नहीं रही। शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र की महिला मतदाताओं ने मत का प्रयोग किया। घूंघट में रहने वाली महिलाएं दिन निकलने के साथ ही मतदान करने केंद्र पहुंचने लगीं। घूंघट की ‘ओट’ से ‘वोट’ मतदान कर आधी आबादी ने अपनी हिस्सेदारी दर्ज …

मुरादाबाद, अमृत विचार। लोकतंत्र के महापर्व पर नारी शक्ति भी पीछे नहीं रही। शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र की महिला मतदाताओं ने मत का प्रयोग किया। घूंघट में रहने वाली महिलाएं दिन निकलने के साथ ही मतदान करने केंद्र पहुंचने लगीं। घूंघट की ‘ओट’ से ‘वोट’ मतदान कर आधी आबादी ने अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई।

जिले में करीब 24 लाख 19 हजार मतदाता हैं। जिसमें से 11 लाख 32 हजार 781 महिला मतदाता हैं। मतदान में महिला मतदाताओं की भूमिका अहम होती है। प्रत्याशी भी महिला मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं। वहीं शासन-प्रशासन की भी प्राथमिकता होती है कि महिला मतदाताओं को अपने मत का प्रयोग करने के लिए अधिक से अधिक जागरूक किया जा सके। इस विधानसभा चुनाव में महिलाओं को जागरूक करने का हरसंभव प्रयास किया गया। अधिकारियों की यह कवायद सोमवार को रंग लाती नजर आई।

महानगर से लेकर ग्रामीण अंचल में रहने वाली महिलाएं अपने मत का प्रयोग करने में पीछे नहीं रहीं। घर के चूल्हा-चौके की फिक्र के बीच घूंघट में महिलाएं वोट डालने के लिए सोमवार को दिन निकलने के साथ ही घरों से निकली। वक्त के साथ मतदान केंद्रों में पुरुषों के साथ ही महिला मतदाताओं की कतार भी अच्छी-खासी नजर आने लगी। सुबह के वक्त लगी कतार दोपहर को कुछ कम हो गई, लेकिन शाम चार बजे के बाद जागरूक महिलाएं अपने वोट का प्रयोग करने के लिए बूथों तक पहुंच गईं।

चूल्हा-चौका की चिंता के बीच मतदान
मोरा की मिलक में रहने वाली बुजुर्ग शबाना, अफसरी बेगम और परवीन ने चूल्हा-चौका की चिंता के बीच पहले मतदान किया। दोपहर को लकड़ी बीनकर आते समय जब उनसे पूछा तो उन्होंने वोट डालने की बात कही। बोली, रोजाना घर का चूल्हा जलाने के लिए जंगल से लकड़ी बीनकर लाते हैं। रोजमर्रा की तरह आज भी निकले थे, लेकिन इससे पहले ही सुबह नजदीक के बूथ पर वोट डाल दिया था।

 

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